Punjab News: पंजाब की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन लगभग अंतिम दौर में पहुंच गया है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों दल एक बार फिर साथ आ सकते हैं।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- PTI)
सूत्रों के मुताबिक, इस बार गठबंधन में BJP ‘बड़े भाई’ की भूमिका में नजर आ सकती है। सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है और BJP पिछली तुलना में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
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अकाली दल ने ग्रामीण सीटों पर तैयारी से नेताओं को रोका
गठबंधन को लेकर सबसे बड़ा संकेत अकाली दल की ओर से मिला है। सूत्रों के अनुसार, अकाली दल ने अपने नेताओं से ग्रामीण इलाकों की विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी नहीं करने को कहा है। इसे BJP के साथ संभावित सीट शेयरिंग और गठबंधन की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
BJP ने 117 सीटों पर तैयारी के दिए निर्देश
वहीं, पंजाब के हालिया दौरे के दौरान BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, संतोष ने BJP नेताओं को पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, अहम बात यह रही कि बीएल संतोष ने अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BJP संगठन को सभी सीटों पर मजबूत करने के साथ-साथ गठबंधन के विकल्प को भी खुला रख रही है।
सीट बंटवारे पर नजर
BJP और अकाली दल के बीच अगर गठबंधन होता है तो सबसे बड़ा सवाल सीटों के बंटवारे को लेकर होगा। सूत्रों की मानें तो BJP इस बार गठबंधन में पहले के मुकाबले ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। यानी पंजाब की चुनावी राजनीति में तस्वीर बदल सकती है-अकाली दल के पारंपरिक ग्रामीण आधार और BJP के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार को साथ लाकर NDA मुकाबले को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
फिलहाल दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बातचीत अंतिम चरण में है।
