Punjab Government to regularise 28,000 Contractual Employees: पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कॉन्ट्रैक्चुअल कल्चर या सिस्टम के खिलाफ है। मंगलवार (11 अक्टूबर, 2022) को सीएम ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार सूबे में शेष 28,000 अनुबंधित कर्मचारियों (कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों) की सेवाएं नियमित (पक्की) करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लेगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनका प्रशासन रोजगार की अनुबंध प्रणाली के खिलाफ है।
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चंडीगढ़ में वह इस दौरान लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के नए कर्मियों के सामने अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘ पूरी प्रक्रिया इन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए चलाई जा रही है। जल्द ही उन्हें अच्छी खबर मिलेगी।’’ मान के मुताबिक, 8,736 कर्मचारियों की सेवाएं पहले ही नियमित की जा चुकी हैं। बाकी कर्मचारियों को भी पक्का करने की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है।
उन्होंने आगे बताया कि पिछली सरकारों ने अनुबंध/अस्थायी आधार पर समूह ‘सी’ और ‘डी’ के पदों पर कई नियुक्तियां कीं। उन्होंने एक बयान में कहा कि ऐसे कर्मचारियों में से कुछ ने 10 साल से अधिक समय पूरा कर लिया है और उन्होंने राज्य की सेवा में अपने बेशकीमती साल दिए हैं।
सीएम आगे बोले कि उनकी सरकार अनुबंध रोजगार प्रणाली के पूरी तरह खिलाफ है क्योंकि यह बहुत ही अधिक शोषणकारी है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को मामूली मानेदय पर काम करना पड़ता है जिसके चलते उन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ता है।
इससे पहले, दिन में गन्ना नियंत्रण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मान ने कहा था कि राज्य सरकार गन्ना किसानों से समय से गन्ना खरीद कर एवं उपज का भुगतान कर उनके हितों की रक्षा करने के लिए कटिबद्ध है। राज्य सरकार पहले ही गन्ना के दाम को 360 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 380 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला कर चुकी है। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)
