'प्रोजेक्ट चीता' के 4 साल: संघर्ष से सफलता तक, भारत की धरती पर कैसे बढ़ा चीतों का कुनबा?

भारत में प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे हो गए हैं। देश में चीतों की कुल तादाद बढ़कर 52 पहुंच गई है, जिनमें से 32 शावकों ने भारत में ही जन्म लिया है। जानिए कूनो से गांधी सागर तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना के 4 सालों का पूरा सफर।

Project Cheetah India: कभी भारत की धरती से विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से बसाने का महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' आज अपनी सफलता के चार साल पूरे कर चुका है। इन चार सालों में कई चुनौतियों को पार करते हुए देश में अब चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। जिनमें से 32 शावकों का जन्म भारत की ही धरती पर हुआ है। अब सरकार का फोकस चीतों के लिए नए और उपयुक्त आवास विकसित करने के साथ-साथ देश में एक मजबूत और दीर्घकालिक ‘मेटा-पॉपुलेशन’ तैयार करने पर है।

Cheeta Project

प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे, भारत में बढ़कर 52 हुई चीतों की संख्या (सांकेतिक फोटो)

17 सितंबर 2022 भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास का अहम दिन था। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को विशेष बाड़ों में छोड़ा था। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते भारत लाए गए, जबकि फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 चीतों के आने के साथ इस संरक्षण कार्यक्रम को और विस्तार मिला।

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