विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद शाम पांच बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिलने और आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
पीएम मोदी।
सबसे पहले 11 बजे की गई स्थगित
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को लोकसभा में कुछ किताबों का जिक्र करते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा और इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण भी सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित करनी पड़ी। पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।
अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि सदन के अंदर मर्यादित आचरण और व्यवहार करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने पांच मिनट बाद ही बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
12 बजे फिर शुरू हुई कार्यवाही
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर वक्तव्य पढ़ा। बिरला ने इस दौरान आसन के समीप और सत्तापक्ष की पंक्तियों के सामने आकर नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से नाराजगी जताते हुए कहा कि इस देश में अलग-अलग समय आप सरकार में रहे हैं। उसके बावजूद आप सदन की परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं।
बिना नाम लिए राहुल गांधी को बिरला ने दी नसीहत
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि आप चुनकर आते हैं। सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका होता है। लेकिन आप इतने वरिष्ठ नेता हैं, आपने लंबे समय तक शासन किया है। बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है।
फिर दो बजे तक के लिए किया गया स्थगित
राहुल गांधी ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने नहीं देने का आरोप लगाया था। हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने कुछ देर बाद ही सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
निशिकांत दुबे कई किताबें लेकर पहुंचे
बैठक फिर से शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव संबंधी चर्चा शुरू कराई। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद जीएम हरीश बालयोगी ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही चर्चा में भाग लिया जिसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का नाम पुकारा गया। दुबे ने कुछ किताबों का जिक्र करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री और नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा और उन पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया। पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने किसी पुस्तक या पत्र का उल्लेख नहीं करने संबंधी नियम का हवाला देते हुए अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश का उल्लेख किया और दुबे को सदन में किताबें नहीं दिखाने को कहा।
तीसरी बार पांच बजे तक के लिए हुआ सदन का स्थगन
हालांकि अपने साथ कुछ किताबें लेकर आए भाजपा सांसद उन्हें दिखाते हुए उनके लेखकों और उनमें लिखी सामग्री के बारे में टिप्पणी करते रहे। दुबे के बयानों के खिलाफ विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया और कुछ सदस्यों को आसन के सामने कागज उछालते हुए भी देखा गया। हंगामा बढ़ने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी।
पांच बजे भी जारी रहा हो हल्ला
पांच बजे सदन की बैठक शुरू हुई तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेने के लिए भाजपा सांसद पीपी चौधरी का नाम पुकारा। हालांकि विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच उन्होंने तत्काल बैठक को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर नहीं दे सके जवाब लोकसभा में भारी हंगामे के बीच पांच बजे कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद पीठासीन सभापति संध्या राय ने विपक्षी सांसदों से शांत रहने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कुछ देर में संबोधित करने वाले हैं। लेकिन विपक्षी सांसदों ने उनकी बात नहीं सुनी और हंगामा जारी रखा और अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब नहीं दे सके।
प्रियंका गांधी ने साधा पीएम पर निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे (प्रधानमंत्री मोदी) डर गए और इसीलिए सदन में नहीं आए। इतना ही नहीं प्रियंका ने यह भी कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बुलेट ट्रेन की तरह भाग गए।
इससे पहले, मंगलवार को सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए कांग्रेस के सात और एक माकपा सांसद को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
