Delhi घोंट रही दम, पल्यूशन इमरजेंसी जैसे हालात! धीमी हवा-पराली जलाए जाने के बीच 'गंभीर' AQI 400 के पार

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 2, 2022, 11:58 AM IST

Delhi Pollution: इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाले आप (AAP) शासित पंजाब (Punjab) में मंगलवार को पराली जलाने की रिकॉर्ड 1,842 घटनाएं दर्ज की गईं। विपक्षी कांग्रेस (Congress) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे मुद्दा बनाया और राज्य सरकार को आड़े हाथ ले लिया। पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर भाजपा ने दिन में आप सरकार को घेरते हुए कहा कि वह अपनी ‘‘गहरी नींद’’से जागे।

Delhi Pollution: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में वायु गुणवत्ता मंगलवार (एक नवंबर, 2022) को और खराब हो गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा, जबकि शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक शाम चार बजे 424 दर्ज किया गया जो 26 दिसंबर, 2021 (459) के बाद सबसे खराब है। उत्तरी राज्यों में जलाई जाने वाली पराली के धुएं, स्थानीय हवा, कंस्ट्रक्शन साइट्स से आने वाली धूल-मिट्टी और ठंडे तापमान के खतरनाक मिश्रण के चलते शहर में एयर इमरजेंसी जैसे हालत पनप गए हैं। वहीं, एक रोज पहले सोमवार रात आठ बजे यह 361 (बहुत खराब) था। ‘समीर’ ऐप पर साझा किए गए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर एक्यूआई 426 रहा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक, 2 जनवरी (एक्यूआई 404) के बाद इस साल दिल्ली में यह दूसरा 'गंभीर' वायु गुणवत्ता दिवस है। 400 से ऊपर एक्यूआई को "गंभीर" माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है और पहले से बीमार व्यक्तियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। शिकागो विश्वविद्यालय के ऊर्जा नीति संस्थान (ईपीआईसी) द्वारा जून में जारी वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एक्यूएलआई) के अनुसार, खराब वायु गुणवत्ता के कारण दिल्लीवासियों की जीवन प्रत्याशा 10 साल कम होने की आशंका है।

End of Feed