Congress Demands All Party Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी और सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद तुरंत एक सर्वदलीय बैठक की बुलानी चाहिए, ताकि नेताओं को बताया जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत में क्या कहा है और राष्ट्र को विश्वास में लिया जाए। कांग्रेस ने उन रिपोर्ट्स को भी बहुत बड़ा झटका बताया, जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर भारत की नाराजगी के बारे में बताना चाहिए था।
जयराम रमेश ने सरकार को घेरा
पहलगाम समीक्षा समिति की दोबारा मांग उठाई
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार से कारगिल समीक्षा समिति की तर्ज पर पहलगाम समीक्षा समिति की दोबारा मांग उठाई। इसका गठन कारगिल युद्ध के तीन दिन बाद किया गया था और जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर के पिता के सुब्रह्मण्यम ने की थी। पीटीआई से बात करते हुए रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में ट्रंप के उन दावों का खंडन करना चाहिए, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का दावा किया है।
रमेश की यह टिप्पणी मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले इस्लामाबाद के अनुरोध पर रोके थे, न कि अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार समझौते की पेशकश के कारण।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, मंगलवार को ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और यह साफ किया कि भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेगा।
रमेश बोले, भारत को लगा तिहरा झटका
ट्रंप के जनरल मुनीर के साथ लंच करने की खबरों पर रमेश ने कहा, यह भारतीय कूटनीति के लिए तिहरा झटका है। आज फील्ड मार्शल मुनीर, जिनके भड़काऊ, भड़काऊ और अस्वीकार्य बयानों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बनाई, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करने वाले हैं। ऐसा सैन्यकर्मी जो सरकार का मुखिया नहीं है, उसे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बहुत बड़ा झटका है।
रमेश ने पीटीआई से कहा, दूसरा बड़ा झटका तब लगा जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख अमेरिकी जनरल माइकल कुरिल्ला ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में पाकिस्तान को अभूतपूर्व साझेदार घोषित किया। वही पाकिस्तान जिसने ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी, जिसे 2 मई 2011 को एबटाबाद में मार गिराया गया था। पाकिस्तान एक अभूतपूर्व साझेदार कैसे बन गया? पाकिस्तान एक अभूतपूर्व अपराधी है। एक अपराधी को साझेदार कहना भारतीय कूटनीति के लिए एक झटका है। उन्होंने कहा कि तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 14 बार ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लेना था।
ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को बराबरी पर रखा
कांग्रेस नेता ने कहा, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान की बराबरी करते हुए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने यह बात 14 बार कही और प्रधानमंत्री ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए यह तिहरा झटका है। मोदी-ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में व्यापार पर चर्चा नहीं हुई और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। रमेश ने कहा, वह सर्वदलीय बैठक में यह बात क्यों नहीं कहते? इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए।
