Indian Railway Redeveloped Stations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 22 मई को अमृत भारत योजना के तहत देशभर में पुनर्विकसित किए गए 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इनमें मध्य रेल के 12 स्टेशन भी शामिल हैं। जिन्हें केवल 15 महीनों में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया गया है। इन कार्यों पर कुल मिलाकर 138 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। यह ऐतिहासिक पहल केंद्र सरकार की 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत की गई है, जिसे दिसंबर 2022 में लॉन्च किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
अमृत भारत योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को भविष्य के लिए तैयार करना और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदलना है, जिसमें दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं, टिकाऊ विकास और शहरी एकीकरण को प्राथमिकता दी गई है। मध्य रेल के जिन 12 स्टेशनों का उद्घाटन होगा, उनमें मुंबई मंडल के चिंचपोकली, परेल, वडाला रोड और माटुंगा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म फ्लोरिंग, एलिवेटेड बुकिंग ऑफिस, आधुनिक शौचालय ब्लॉक, वर्टिकल गार्डन, सीओपी, एफओबी सौंदर्यीकरण और टिकाऊ छतों जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
प्रमुख स्टेशन और उनपर किये गए कार्य
चिंचपोकली स्टेशन
लागत - ₹11.81 करोड़
प्लेटफार्म रिनोवेशन, वाटर बूथ, वर्टिकल गार्डन, एफओबी एंट्रेंस पर छतरी और सुंदर पेंटिंग का कार्य।
परेल स्टेशन
लागत - ₹19.41 करोड़
नया स्टेशन भवन, टेन्साइल रूफ, एसटीपी युक्त शौचालय, गार्डनिंग और सर्कुलेटिंग एरिया में व्यापक विकास।
वडाला रोड स्टेशन
लागत - ₹23.02 करोड़
प्लेटफॉर्म फ्लोरिंग, सीओपी मरम्मत, एफओबी सौंदर्यीकरण और आधुनिक शौचालय ब्लॉक का निर्माण।
माटुंगा स्टेशन
लागत - ₹17.28 करोड़
भारत का पहला महिला संचालित स्टेशन अब और भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्लेटफॉर्म विस्तार, एलीवेटेड बुकिंग ऑफिस, दिव्यांग-अनुकूल डिज़ाइन और ऐतिहासिक लकड़ी के मेहराबों का जीर्णोद्धार।
महाराष्ट्र में कुल 132 स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है, जिनमें से पहले चरण में 18 स्टेशनों का उद्घाटन किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह योजना यात्रियों को बेहतर अनुभव देने, स्टेशनों को स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने तथा रेलवे को शहरों की जीवनरेखा के रूप में और मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
