PM मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान में आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक आह्वान दोनों था- शशि थरूर ने की प्रधानमंत्री की जमकर प्रशंसा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान में आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक आह्वान दोनों था। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के अपनी संस्कृति पर गर्व का भाव जगाने के लिए प्रधानमंत्री ने 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक बार फिर से जमकर तारीफ की है। कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान को एक व्यापक और बहु-आयामी संबोधन बताया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण न सिर्फ आर्थिक दृष्टिकोण से भरा हुआ था, बल्कि उसमें गहरे सांस्कृतिक संदेश भी निहित थे। इससे कुछ दिन पहले, थरूर ने वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर बधाई देने के बाद कहा था कि उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और सेवा को एक घटना तक सीमित करना अनुचित है।

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शशि थरूर और पीएम मोदी (फाइल फोटो- PTI)

क्या बोले थरूर

थरूर ने प्रमुखत: उस हिस्से की ओर ध्यान दिलाया जिसमें प्रधानमंत्री ने भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के ‘गौरव-बोध’ को जगाने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन का प्रस्ताव रखा। हालांकि, थरूर ने यह टिप्पणी भी की कि प्रधानमंत्री काश यह स्वीकार करते कि स्वयं रामनाथ गोयनका ने भारतीय राष्ट्रवाद की आवाज को बुलंद करने के लिए अंग्रेजी भाषा को एक सशक्त माध्यम बनाया था।

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