PM Modi on Rashtriya Ekta Diwas 2026: राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर एकता नगर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा, "जिन लोगों ने 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया, वे खुद अमीर होते चले गए। स्थिति पिछले कुछ सालों में बदलनी शुरू हुई। कुछ दिन पहले ही वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2024 से पहले के 10-12 सालों में 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को हराया है। यानी जहां पहले 100 में से 27 लोग, एक चौथाई से ज्यादा, अत्यधिक गरीबी की चपेट में थे, आज यह संख्या घटकर 100 में से 3 से भी कम रह गई है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार- ANI)
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर PM मोदी का संबोधन
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए स्वतंत्रता जरूरी होती है। जब स्वतंत्रता होती है, तो देश अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करता है। लेकिन स्वतंत्रता को सही दिशा मिलती है गणतंत्र से। गणतंत्र हमें उन फैसलों को संविधान की मर्यादा में आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाता है। संविधान हमें जनता के प्रति जवाबदेह रखता है और एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है। इसलिए अब हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस तीनों को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर पूरे उत्साह से मनाया जाता है।
पीएम मोदी ने सरदार पटेल को किया याद
सरदार पटेल को याद करते हुए पीएम ने कहा, "सरदार पटेल भारत के इतिहास का वो महान व्यक्तित्व हैं, जिनके बिना आज के भारत की कल्पना भी मुश्किल है। सरदार पटेल ने भारत के वर्तमान स्वरूप को गढ़ा है। विभाजन के बाद भी जिन्होंने हिमालय से हिंद महासागर तक भारत को सुरक्षित रखा, वो सरदार पटेल ही थे।"
'सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा'
पीएम मोदी ने कहा, सरदार पटेल ने सिर्फ देश की भूगोल को नहीं जोड़ा, बल्कि देश को भावनात्मक एकता के सूत्र में भी बांधा। गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के जरिए उन्होंने देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की भी शुरुआत की। इस साल इस महान कार्य को 75 साल पूरे हो रहे हैं। जैसे सोमनाथ मंदिर का ध्वज हजार साल से सभी अत्याचारियों के इरादों को धता बताते हुए पूरे स्वाभिमान से लहरा रहा है, उसी स्वाभिमान ने हमें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए प्रेरित किया।
आज का कार्यक्रम अलग
पीएम ने कहा कि आज का कार्यक्रम कुछ अलग है। अब तक हम एकता दिवस का कार्यक्रम सुबह करते थे, इस बार थोड़ा बदलाव हुआ है और हम शाम में जुटे हैं। सुबह लाखों नागरिकों ने एकजुटता के संकल्प के साथ 'रन फॉर यूनिटी' में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत अधिक संकल्पित है और इसका बड़ा कारण देशवासियों का बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है।
