देश की राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुरानी दिल्ली इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रह रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा। यह शख्स बिना किसी वैध वीजा या दस्तावेजों के भारत की सीमा में दाखिल हुआ था और अपनी पहचान छिपाकर दिल्ली के एक स्थानीय रेस्टोरेंट में काम कर रहा था।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन (प्रतीकात्मक फोटो)
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से सीमा पार करके भारत पहुंचा था। पूछताछ के दौरान उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि का भी खुलासा हुआ। आरोपी की मां मूल रूप से दिल्ली की ही रहने वाली थीं, जिन्होंने बाद में एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति से शादी कर ली थी और पाकिस्तान की नागरिकता अपना ली थी। इसी पारिवारिक जुड़ाव के कारण वह दिल्ली आ पहुंचा और यहां छिपकर रहने लगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के करीबी 'बड़े बाबू' समेत 2 लोगों की छुट्टी, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद फेरबदल जारी
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी की घंटों पूछताछ
मामले की संवेदनशीलता और 15 अगस्त के सुरक्षा माहौल को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी आरोपी से घंटों गहन पूछताछ की। जांच एजेंसियों ने उसके भारत आने के मकसद, उसके संपर्क और मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स को खंगाला। लंबी पूछताछ के बाद राहत की बात यह रही कि उसके किसी आतंकवादी संगठन या किसी संदिग्ध साजिश में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला।
भेजा गया डिटेंशन सेंटर
आतंकी या जासूसी एंगल खारिज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को सौंप दिया है। फिलहाल उसे डिटेंशन सेंटर भी भेजा गया है, जहां से उसे वापस पाकिस्तान डिपोर्ट करने की कागजी और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
