PoK Protest : अपने कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में जारी प्रदर्शनों को पाकिस्तान ने कुचलने की तैयारी कर ली है। उसने यहां अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी है। खासकर, रावलाकोट के आस-पास सुरक्षाबलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सुरक्षाबल सेना प्रमुख आसिम मुनीर के इशारे का इंतजार कर रहे हैं। मुनीर का इशारा मिलते ही वे प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटेंगे। पीओके में 27 जुलाई को होने वाले चुनाव से पहले प्रदर्शन तीव्र हो गए हैं। पीओके के मौजूदा हालात पर भारत की करीबी नजर है। सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों की एलओसी पर करीबी नजर है।
पीओके में 27 जुलाई को होने हैं चुनाव। -फाइल पिक्चर
मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा-AAC
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार पीओके में 27 जुलाई से पहले सब कुछ सामान्य देखना चाहती है। इसके निर्देश उसने सुरक्षाबलों को दिए हैं। उसने सुरक्षाबलों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि चुनाव के दौरान वहां किसी तरह का कोई उपद्रव और प्रदर्शन न हो। हालांकि, आवामी एक्शन कमेटी जो कि इस प्रदर्शन का अगुवाई कर रही है, उसने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। उनसे कहा है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, उसका प्रदर्शन जारी रहेगा।
PAK ने वस्तुओं एवं खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति रोकी
पीओके के हालातों पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की करीबी नजर है। रिपोर्टों की मानें तो अब तक के प्रदर्शनों में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि, पाकिस्तान की सरकार इस आंकड़े को खारिज करती है। पीओके के नेता धमकी दे रहे हैं कि यदि उन पर जुल्म होता रहा और उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उनके पास भारत के पास जाने का विकल्प है। रिपोर्टों के अनुसार पीओके के नेताओं ने कश्मीरी लोगों से खाद्य सामग्री, दवाएं और जरूरत के अन्य सामानों की आपूर्ति करने की अपील की है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने वस्तुओं एवं खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति रोक दी है।
पाकिस्तानी सेना लेगी फैसला
माना जा रहा है कि सुरक्षा अधिकारियों ने अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं को चेतावनी भी दी है कि यदि वे स्वेच्छा से आंदोलन वापस लेने से इनकार करते हैं, तो सुरक्षा बल विरोध स्थल को खाली कराने के लिए अभियान शुरू कर सकते हैं। ऐसी आशंका है कि पाकिस्तानी सेना अगले 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने या न करने पर अंतिम निर्णय ले सकती है।
