Asaduddin Owaisi : ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कड़े शब्दों में पहलगाम हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह हमला उरी और पहलगाम में हुए आतंकी हमले से कहीं ज्यादा बड़ा और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने बेगुनाहों की जान ली है। यह नरसंहार है। ओवैसी ने सरकार से इस हमले के जिम्मेदार लोगों पर एक्शन लेने की मांग की है। साथ ही उन्होंने का कि यह इंटेलिजेंस की एक नाकामी भी है।
पहलगाम में मंगलवार को हुआ आतंकी हमला।
यह नरसंहार है-ओवैसी
मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा, 'पहलगाम में मजहब पूछकर मासूम लोगों को कत्ल किया गया है। हम इसकी सख्त से सख्त शब्दों में निंदा करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इन दहशतगर्दों को सबक सिखाएगी। हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। घायल जल्द से जल्द ठीक हों, इसकी हम दुआ करते हैं। यह इंटेलिजेंस की नाकामी भी है। यह उरी और पुलवामा से भी निंदनीय घटना है। ये आतंकवादी हमारे पड़ोसी मुल्क से आए थे। यहां आकर हमारी सरजमीं पर मासूम लोगों को मारा है। यह बहुत ही दर्दनाक घटना है। यह नरसंहार है। हम नरेंद्र मोदी सरकार से मांग करते हैं कि इस हमले की जवाबदेही वह तय करे। इस हमले के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे सबक मिलना चाहिए।'
मृतकों को गृह मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मृतकों के शव श्रीनगर पुलिस मुख्यालय में रखे गए थे। ताबूतों को देख सभी की आंखें नम थीं। गृह मंत्री ने ताबूतों पर पुष्पचक्र अर्पित किया। गृह मंत्री यहां से घायलों से मिलने के लिए अस्पताल जाएंगे। वहीं, सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में छोड़ स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर ही बैठक कर हमले की जानकारी ली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जम्मू-श्रीनगर में भारी विरोध-प्रदर्शन
इस क्रूर एवं जघन्य आतंकी हमले का विरोध देश में हर तरफ हो रहा है। श्रीनगर में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। जम्मू में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों में भारी आक्रोश है। इस बीच, खबर यह भी है कि पहलगाम के बैसारण घाटी को खून से लाल करने वाले आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे। इनकी संख्या छह थी और ये घुसपैठ कर भारत में दाखिल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक इनके पास बॉडी कैमरा भी था। समझा जाता है कि आतंकवादी हमले का वीडियो जारी कर सकते हैं।
