Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकवादी हमले पर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में बताया गया है कि 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में 26 लोगों की हत्या करने वाले तीन आतंकियों को पाकिस्तान से नियंत्रित किया जा रहा था। हमले के वक्त आतंकी सैफुल्लाह लाहौर से आतंकियों को निर्देश दे रहा था। यही नहीं घुसपैठ कर 15-16 अप्रैल कश्मीर पहुंचे आतंकियो ने इलाके की पूरी जानकारी जुटाई और कुछ स्थानीय लोगों ने उनके रहने, ठहरने और खाने का बंदोबस्त किया। एनआईए का मानना है कि स्थानीय लोगों ने यदि संदिग्ध गतिविधि की जानकारी यदि दी होती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
आतंकियों को लाहौर से निर्देश मिल रहे थे।
लाहौर से ऑपरेट कर रहा था 'लंगड़ा'
अपनी चार्जशीट में NIA ने अपने दावों एवं आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस सबूतों का जिक्र किया है। चार्जशीट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ ‘लंगड़ा’ पाकिस्तान के लाहौर से ऑपरेट कर रहा था और उसने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को निर्देश दिए। एनआईए ने सैफुल्लाह को अब भारत के सबसे वांछित आतंकियों में शामिल बताया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में छिपा सैफुल्लाह अभी भी जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की साजिश रचने में लगा हुआ है।
पाकिस्तान से खरीदे गए थे 2 मोबाइल फोन
‘ऑपरेशन महादेव’ में मारे गए आतंकियों से बरामद कम-से-कम दो मोबाइल फोन पाकिस्तान से खरीदे गए पाए गए। एनआईए के अनुसार, एक फोन ऑनलाइन खरीदा गया था और उसे लाहौर के कायद-ए-आजम इंडस्ट्रियल एस्टेट के पते पर भेजा गया था, जबकि दूसरा फोन कराची के शाहरा इलाके से खरीदा गया था। चार्जशीट में कहा गया है कि 15 और 16 अप्रैल को पाकिस्तान में बैठे सैफुल्लाह ने तीन आतंकियों फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी को बैसरन घाटी और उसके आसपास के इलाकों की रेकी के लिए भेजा था। इन आतंकियों ने सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की आवाजाही का जायजा लिया था।
लोकेशन डेटा और को-ऑर्डिनेट्स भेजता रहा सैफुल्लाह
इसके बाद, आतंकी हमले वाले दिन सैफुल्लाह लाहौर से लगातार आतंकियों के संपर्क में रहा और उन्हें रियल-टाइम जानकारी, लोकेशन डेटा और कोऑर्डिनेट्स भेजता रहा। एनआईए के मुताबिक, पाकिस्तान से सैफुल्लाह आतंकियों की गतिविधियों, उनके ठिकानों और भागने के रास्तों तक के निर्देश दे रहा था। एनआईए ने यह भी कहा कि परवेज और बशीर अहमद नामक दो स्थानीय निवासियों ने पाकिस्तानी आतंकियों की हमले को अंजाम देने में मदद की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया।
भारतीय वायुसेना (IAF) ने प्रिसिजन ग्लाइड बम, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी लॉन्चपैड्स को तबाह कर दिया। भारत ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल हमलों के जरिए पाकिस्तान की एयर डिफेंस प्रणाली और कई अहम सैन्य ठिकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया।
