राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने रविवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले पर चर्चा के लिए बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक के दौरान परिपक्व दृष्टिकोण अपनाया और स्वीकार किया था कि सरकार की ओर से कुछ खामी रही।
शरद पवार
सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ था? शरद पवार ने बताया
अमित शाह और राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर चर्चा के लिए 24 अप्रैल को एक सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया था। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी बैठक में मौजूद थे। शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल में पहलगाम हमले पर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी, जिसमें लोकसभा में राकांपा (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने हिस्सा लिया था।
शरद पवार ने कहा, ‘‘एक बात ने मुझे संतुष्टि का एहसास कराया। सत्ता पर काबिज नेताओं ने, चाहे वह देश के रक्षा मंत्री हों या गृह मंत्री, बहुत परिपक्व रुख अपनाया और स्वीकार किया कि कहीं न कहीं ‘हमारी’ (सरकार की) ओर से खामी रही है।’’ इस बात पर जोर देते हुए कि (हमले से संबंधित) कुछ सवालों पर ध्यान देने की जरूरत है, पवार ने कहा, ‘‘अगर उन्होंने इसे एक कमी के रूप में स्वीकार कर लिया है, तो आज इस पर बहस करने का समय नहीं है।’’
पहलगाम हमले के बाद क्या किया? शरद पवार ने बताया
शरद पवार ने यहां सासवड में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय सभी के सामने प्राथमिकता यह है कि जिन लोगों पर हमला हुआ है उनके जीवन में विश्वास का माहौल कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हमले के बाद उन्होंने कश्मीर में अपने कई दोस्तों को फोन किया और उन्हें आश्वस्त किया कि इस स्थिति में वे अकेले नहीं हैं।
शरद पवार ने कहा कि हमले के अगले ही दिन हजारों कश्मीरी, चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम, हालांकि उनमें से ज्यादातर मुसलमान थे, हमले और आतंकवाद की निंदा करने के लिए घाटी में सड़कों पर उतर आए। पवार ने कहा कि उन्होंने दृढ़तापूर्वक घोषणा की कि ‘‘हम सभी एकजुट हैं’’।
