Bihar SIR data : बिहार में जारी चुनाव आयोग (EC) के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का नया आंकड़ा सामने आया है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि उसके इस अभियान के दौरान 52.30 लाख से ज्यादा मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। यह संख्या में बिहार में कुल पंजीकृत वोटरों के 6.62 प्रतिशत है। इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिनकी या तो मृत्यु हो गई है या हमेशा के लिए किसी और स्थान पर चले गए हैं, बहुत सारे ऐसे मतदाता भी हैं दो जगहों पर पंजीकृत हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिनके बारे में कुछ पता नहीं चल पाया।
बिहार में एसआईआर के नए आंकड़े सामने आए। तस्वीर-ECI
करीब 18.5 लाख मतदाता मृत मिले
चुनाव आयोग के मुताबिक करीब 18.5 लाख मदाता मृत मिले, 26 लाख मतदाता स्थायी रूप से कहीं और बस गए हैं और करीब 7.5 लाख वोटर कई जगहों पर पंजीकृत हैं। 11,000 ऐसे मतदाता भी हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। चुनाव अधिकारियों ने उन 21.36 लाख मतदाताओं की विस्तृत सूची साझा की है, जिनके गणना फॉर्म अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं।
संशोधन पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 1 महीने का समय
अधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं के पास मसौदा मतदाता सूची में किसी भी तरह के संशोधन पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक अगस्त (जब मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी) से एक सितंबर तक, पूरे एक महीने का समय होगा। उन्होंने कहा कि जिन 12 राजनीतिक दलों को उन मतदाताओं की सूची दी गई है, जिनकी या तो मौत हो चुकी है या वे स्थायी रूप से कहीं और जाकर रहने लगे हैं या फिर उन्होंने एक से अधिक जगहों पर अपना नाम पंजीकृत करा रखा है, उन्हें पता चल जाएगा कि ऐसे नामों को मसौदा सूची में क्यों शामिल नहीं किया जाएगा।
30 सितंबर के बाद प्रकाशित होगी अंतिम सूची
अधिकारियों के अनुसार, राजनीतिक दलों से ऐसे मतदाताओं से संपर्क करने को कहा गया है, ताकि वे मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए राज्य के चुनाव अधिकारियों का रुख कर सकें। उन्होंने बताया कि अंतिम सूची 30 सितंबर को दावे और आपत्ति प्रक्रिया के बाद प्रकाशित की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से बाहर न रह जाए और कोई भी अपात्र नागरिक सूची में शामिल न हो।
