J&K: आतंक के ग्राफ में जबरदस्त गिरावट, सिर्फ 10 युवाओं ने चुनी आतंकवाद की राह, 6 का The End

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 24, 2023, 08:17 PM IST

Terror Graph in Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर से आतंक का तेजी से सफाया हो रहा है, घाटी तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रही है। आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया है कि राज्य में 2023 में केवल 10 स्थानीय युवाओं ने आतंकवाद की राह पकड़ी, जबकि पिछले साल ये संख्या 110 थी।

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि 2023 में सिर्फ 10 स्थानीय युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता चुना जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 110 थी। उन्होंने आतंकवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में स्थित माता भद्रकाली मंदिर का दौरा करने के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा, 'जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद लगभग समाप्त हो गया है और इसकी बची-खुची जड़ों को भी जल्द ही उखाड़ कर फेंक दिया जाएगा।'

Terrorism Jammu Kashmir

फाइल फोटो।

10 में से छह आतंकियों को मार गिराया

उन्होंने कहा, 'इस साल केवल 10 (स्थानीय) युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता चुना जबकि पिछले साल, 110 युवा आतंकवादी बन गए थे। कितना अच्छा होता अगर कोई भी युवा आतंकवाद का रास्ता नहीं चुनता क्योंकि आतंकवाद का रास्ता चुनने वाले 10 में से छह मारे गए हैं और बाकी बचे इन चार को भी जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ वापस आना चाहिए।' सिंह ने कहा कि आतंकवादियों के भी परिवार होते हैं और इस तरह से लोगों को मारने से सुरक्षा बलों को भी कोई खुशी नहीं मिलती है। उन्होंने कहा, 'मैं यह भी कहना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है कि हम आतंकवादियों की मौत पर खुश होते हैं। उनका भी एक परिवार हैं। हम चाहते हैं कि अगर किसी ने शांति का रास्ता छोड़ दिया है तो उसे वापस आना चाहिए और हथियार छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहिए।'

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