नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। लंबे इंतजार के बाद बन रहा ये एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगा। अभी से इसकी खासियतों को लेकर चर्चा होने लगी है। यूपी के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने हाल ही में राज्य का बजट पेश करते हुए यूपी विधानसभा को बताया था कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत में दो के बजाय पांच रनवे के साथ सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पांच रनवे के साथ सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा
जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण
ग्रेटर नोएडा के पास जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पूरे हवाई अड्डे को 2050 तक चार चरणों में पूरी तरह से बनाया जाएगा। इसकी यात्री क्षमता 70 मिलियन यानि 7 करोड़ होगी। शुरुआत में इसमें दो आपस में जुड़े टर्मिनल होंगे। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का पहला चरण 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा। इसमें एक रनवे, कार्गो हब होगा जो एक टर्मिनल से जुड़ा होगा। जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण 2024 सितंबर तक चालू हो जाएगा।
सालाना 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों का अनुमान
यह सालाना 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा। इसके बाद दूसरा रनवे बनाया जाएगा और 1 करोड़ 20 लाख अनुमानित यात्रियों का 80 प्रतिशत पूरा होने पर इमारत का विस्तार किया जाएगा। तीसरा, चौथा और पांचवां रनवे तब बनेगा जब 3, 5 और 7 करोड़ यात्री यहां पहुंचने लगेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट का 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है। टाटा समूह टर्मिनल, रनवे और हवाई यातायात नियंत्रण भवन का निर्माण कर रहा है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दूसरा चरण ग्रेटर नोएडा के छह गांवों - रणहेरा, कुरेब, दयानतपुर, करौली बांगर, मुंद्रा और बीरमपुर की जमीन पर पूरा किया जाएगा।
सीएम योगी कर रहे प्रोजेक्ट की निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्यक्तिगत रूप से प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। एयरपोर्ट के निर्माण की देखरेख कर रही स्विस कंपनी को निर्माण में देरी होने पर भारी जुर्माना देना होगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अगर परियोजना में 29 सितंबर के बाद देरी होती है तो कंपनी रोजाना 10 लाख रुपये का भुगतान करेगी। ये एयरपोर्ट आईजीआई हवाईअड्डे के दबाव को कम करेगा। यह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और यूपी के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी भी बढ़ाएगा।
