New Parliament Inaguration : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं। इस समारोह के लिए सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया गया है, लेकिन 19 विपक्षी दलों ने एक स्वर में समारोह का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे ‘नौटंकी’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि इन दलों ने इस परियोजना का कभी समर्थन किया ही नहीं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्ष बोला हमला।
हिमंता ने कहा कि बहिष्कार का दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि उद्धाटन ऐसे दिन हो रहा है जो वीर सावरकर से जुड़ा हुआ है।
विपक्ष का क्या है कहना
बता दें कि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निमंत्रण पर मोदी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। कांग्रेस, वाम और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित 19 विपक्षी दलों ने मोदी द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कई दलों ने एक-दूसरे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि, जब लोकतंत्र की आत्मा ही निकाल ली गई है तो उन्हें नए भवन का कोई महत्व नहीं दिखता।
विपक्ष पर बरसे हिमंता बिस्वा
नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर सियासत चरम पर है। विपक्ष इसका बहिष्कार करने में जुटा है जिस पर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने हमला बोला है। हिमंता ने कहा है कि, बहिष्कार लाज़िमी है। उन्होंने सबसे पहले संसद भवन के निर्माण का विरोध किया था। विपक्ष ने कभी नहीं सोचा था कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा और यह उनके लिए ‘बाउंसर’ की तरह आया है। इसलिए केवल अपना मुंह छिपाने के लिए वे बहिष्कार का नाटक कर रहे हैं, लेकिन असली बात यह है कि उन्होंने पहले दिन से कभी भी इस परियोजना का समर्थन नहीं किया.. हमने उनसे समारोह में शामिल होने की उम्मीद नहीं की थी।
