New Delhi Railway Station Stampede Case: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ मामले में कई तथ्य सामने आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे के 3 कारणों का जिक्र हो रहा है। दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टीमों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए मौजूद यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई थी जिसमें करीब 18 लोगों की मौत हुई थी। अब जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई खुलासे हो रहे हैं।
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामला
क्राउड मैनेजमेंट में भारी लापरवाही
शनिवार 15 फरवरी की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के पीछे सबसे बड़ा कारण स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। लेकिन उसे संभालने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। यहां तक की हर घंटे 1500 जर्नल टिकट भी बेचे गए। प्रयागराज जाने वाली तीन ट्रेनों के लेट होने से हजारों यात्री स्टेशन पर जमा हो गए, लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे।
ट्रेन अनाउंसमेंट से मचा भ्रम, दौड़ पड़े यात्री
जांच में सामने आया कि भगदड़ की एक बड़ी वजह ट्रेन के अनाउंसमेंट में हुई गड़बड़ी थी। जब प्लेटफॉर्म नंबर-16 पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के पहुंचने की अनाउसमेंट हुई, तो यात्री भ्रमित हो गए, क्योंकि पहले से ही प्लेटफॉर्म-14 पर प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी। कई यात्रियों को लगा कि उनकी ट्रेन बदल गई है। जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ शुरू हो गई।
कुंभ की भीड़ के लिए नहीं किए गए थे विशेष इंतजाम
जांच में सामने आया है कि कुंभ मेले के चलते वीकेंड पर प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई थी, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की। न तो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और न ही यात्रियों को सही सूचना देने के लिए कोई कंट्रोल रूम बनाया गया।
रेलवे, पुलिस और आरपीएफ की टीमें कर रहीं जांच
इसके अलावा जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि भगदड़ की शुरुआत कहां से हुई और प्रशासन की लापरवाही कितनी बड़ी थी। रेलवे, पुलिस और आरपीएफ की अलग-अलग टीमें अपनी जांच कर रही हैं।
