Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसी बीच नेपाल सरकार ने एक रिकवरी पुनर्निर्माण को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के बाद देश को रिकवरी और पुनर्निर्माण के लिए करीब 4.7 अरब डॉलर की जरूरत होगी। सरकार की ओर से शनिवार को जारी रेपिड डैमेज एंड नीड्स असेसमेंट (RDNA) रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है।
Nepal Flood: पुनर्निर्माण के लिए चाहिए 4.7 अरब डॉलर। PTI
रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से कुल नुकसान करीब 2.7 अरब डॉलर का हुआ है। इसमें लगभग 1.81 अरब डॉलर का भौतिक नुकसान और 883.32 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान शामिल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 4.7 अरब डॉलर की रिकवरी जरूरत केवल क्षतिग्रस्त चीजों को दोबारा बनाने की लागत नहीं है। इसमें पुनर्निर्माण के साथ-साथ भविष्य में आपदाओं से बचाव और बुनियादी ढांचे को अधिक मजबूत बनाने की लागत भी शामिल है।
नेपाल बाढ़ की वजह से कई घर हुए तबाह। PTI
पांच जिलों में तबाही का आकलन
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की अगुवाई में तैयार की गई इस रिपोर्ट में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों को शामिल किया गया है। आकलन के लिए सरकारी रिकॉर्ड, सैटेलाइट तस्वीरों, ड्रोन सर्वे, जियोस्पेशियल डेटा और जनगणना संबंधी जानकारी का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जहां नुकसान का प्रत्यक्ष रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, वहां प्रभावित क्षेत्रों, सांख्यिकीय आंकड़ों और लागत के अनुमान के आधार पर नुकसान का आकलन किया गया।
आइस-रॉक एवलांच के बाद आई थी बाढ़
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में आइस-रॉक एवलांच के बाद अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया। बाढ़ का पानी भोटेकोशी नदी के जरिए नीचे की ओर बहा और अपने रास्ते में घरों, वाहनों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
ऊर्जा क्षेत्र को भी भारी नुकसान
आरडीएनए के मुताबिक, ऊर्जा क्षेत्र में करीब 889.21 मिलियन डॉलर का भौतिक नुकसान हुआ है, जबकि आर्थिक नुकसान का अनुमान 107.91 मिलियन डॉलर है। बाढ़ के कारण नेपाल की जलविद्युत उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ा है और सालाना करीब 2,520 GWh बिजली उत्पादन का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा है कि बिजली उत्पादन के बेसलाइन आंकड़ों, आउटेज की अवधि और अन्य मान्यताओं की आगे पुष्टि की जानी बाकी है।
69 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त
बाढ़ ने नेपाल के सड़क नेटवर्क को भी बुरी तरह प्रभावित किया। आकलन में करीब 69 किलोमीटर सड़क के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। इनमें बेट्रावती-रसुवागढ़ी मार्ग का 55 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त बताया गया है, जबकि अन्य 14 किलोमीटर सड़क को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। सड़कों की बहाली के लिए करीब 364.28 मिलियन डॉलर की जरूरत का अनुमान है। इसमें मलबा हटाना, रास्तों को फिर से खोलना, अस्थायी डायवर्जन तैयार करना और भूस्खलन व नदी किनारे सुरक्षा के आपातकालीन उपाय शामिल हैं।
37 मोटरेबल पुल पूरी तरह तबाह
बाढ़ से 37 मोटरेबल पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 68 ट्रेल ब्रिज भी प्रभावित हुए हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 10,671 मीटर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन पुलों के नुकसान और पुनर्निर्माण लागत का बेहतर आकलन करने के लिए एक विस्तृत क्रॉसिंग रजिस्टर की जरूरत है।
आपदा से बचाव के लिए 625 मिलियन डॉलर
रिपोर्ट में 625.52 मिलियन डॉलर की राशि आपदा जोखिम कम करने यानी Disaster Risk Reduction के लिए रखी गई है। इसमें 2.31 मिलियन डॉलर बहु-आपदा अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिए और 623.21 मिलियन डॉलर लंबे समय की आपदा-रोधी परियोजनाओं के लिए शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल रिकवरी जरूरतों में इंफ्रास्ट्रक्चर की हिस्सेदारी 65.47 प्रतिशत है। सरकार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया है कि आरडीएनए को एक विकसित होता हुआ आकलन माना जाना चाहिए। कई जगहों पर नुकसान की सूची, इंजीनियरिंग आंकड़ों और लागत के अनुमान की आगे जांच और सुधार की जरूरत है। इसलिए रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों को अंतिम ऑडिटेड नुकसान या सरकार की ओर से तय खर्च नहीं माना जाना चाहिए।
