Arvind Kejriwal: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई शुरुआत की है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सेक्टरल कमेटीज की शुरुआत की है। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि अब पंजाब में इंडस्ट्री दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ेगी। क्योंकि सरकार ने अपनी ताकत उद्योग जगत के हाथों में सौंप दी है। इससे अब पंजाब में न बिजनेस रुकेगा और न रोजगार। सेक्टरल कमेटीज की शुरूआत होने से छोटे-बड़े कारोबारी ही पॉलिसी बनाएंगे और सरकार उन्हें लागू करेगी। जनता की सत्ता, जनता के हाथ में सौंपना ही ‘आप’ की असली राजनीति है, जहां हुकूमत नहीं, जनता की भागीदारी होती है।
केजरीवाल ने कहा, अब पंजाब में न बिजनेस रूकेगा और न रोजगार (X/@AamAadmiParty)
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब पंजाब में बिजनेस शुरू करने के लिए मात्र 45 दिन में डीम्ड अप्रूवल मिल रहे हैं, जबकि 125 करोड़ रुपए तक की एमएमएमई के लिए किसी अप्रूवल की जरूरत ही नहीं है। आज पंजाब ने वह कर दिखाया जो पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुआ, यह काम सिर्फ ईमानदार और जनता की सोच वाली सरकार ही कर सकती है। आप सरकार से पहले पंजाब में पहले पंजाब में ऐसा सिस्टम था, जहां तरक्की करने की सजा मिलती थी। उद्योगपतियों से धमका कर वसूली होती थी। लोग डर के माहौल में काम कर रहे थे।
पंजाब को भ्रष्ट और डर के सिस्टम ने 18वें नंबर पर पहुंचा दिया- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है। 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। आप सरकार के पहले का एक अलग सिस्टम था, जो हमें विरासत में मिला। वह सिस्टम वसूली का था। उस सिस्टम में जबरदस्ती वसूली की जाती थी। लोगों को तरक्की करने से डर लगता था। लोगों को डर था कि अगर मैंने तरक्की की तो ये उसमें हिस्सा मांगने आ जाएंगे। हिस्सा भी गाली-गलौज, बांह मरोड़ कर छीना जाता था। उस समय की कई कहानियां सुनने को मिलती है। इसके परिणाम स्वरूप धीरे-धीरे इंडस्ट्री पंजाब छोड़कर बाहर चली गई। पंजाब के बच्चे नशे में डूबते गए, बच्चों के पास रोजगार नहीं बचा और कभी पंजाब नवंर वन राज्य होता था, आज 18वें नंबर पर है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। आप की सरकार एक ईमानदार सरकार है। हमारी नीयत साफ है। लेकिन विरासत में मिले वसूली सिस्टम को चंद दिनों में ठीक करना संभव नहीं था। पिछले तीन साल से उस सिस्टम को हम झकझोरने की कोशिश कर रहे हैं। उसको ठीक करने के लिए तेल और ग्रीस डाल रहे हैं। पिछले तीन सालों में आप सरकार ने कई पहलें की। इंडस्ट्री के साथ बैठकें कर सुझाव लिए और उनको लागू किया। पिछले कुछ दिनों में आप सरकार ने क्रांतिकारी फैसलों की घोषणा की है। अब अगर पंजाब में कोई भी इंडस्ट्री अपने विस्तार, डायवर्जन या ग्रीन फील्ड निवेश के लिए आवेदन करेगी तो 45 दिनों के अंदर सरकार से सारी मंजूरी मिल जाएगी। अन्यथा 45 दिन के अंदर डीम्ड अप्रूवल दे दी जाएगी। मुझे नहीं लगता है कि पूरी दुनिया के अंदर कोई ऐसी पॉलिसी है, जहां पर 45 दिन के अंदर कोई डीम्ड मंजूरी मिलती हो। यह केवल ईमानदार सरकार ही कर सकती है।
केजरीवाल ने कहा, पंजाब की तरक्की करनी है
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा कि किसी की मंजूरी रोकेंगे तो वह मिलने का समय मांगेगा। इसके बाद कई चक्कर लगाएगा, तभी तो पार्टी फंड इकट्ठा होगा। हमें पार्टी फंड इकट्ठा नहीं करना है। हमें सिर्फ पंजाब की तरक्की करनी है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केवल एक ईमानदार सरकार निर्णय ले सकती है कि 45 फीसद दिन के अंदर इंडस्ट्री का अप्रूवल मिल जाएगा। इसमें एक बड़ी बात यह है कि अगर इंडस्ट्री एमएसएमई है और निवेश 125 करोड़ रुपए से कम की है तो फिर किसी अप्रूवल की जरूरत नहीं है। इस किस्म का इज ऑफ डूइंड बिजनेस की कोई पॉलिसी कोई सोच भी नहीं सकता। पहले वसूली सिस्टम था, पिछला 3 साल इंडस्ट्री फ्रैंडली था और आज के बाद क्रांतिकारी सिस्टम है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें टैक्सटाइल इंडस्ट्री चलानी नहीं आती है। हमें साइकिल के पुर्जे, स्पोर्ट्स के उपकरण बनाने नहीं आती। अफसरों को भी कुछ नहीं पता है। इसके बाद भी राजनेता सारे निर्णय लेते हैं और जनता हमारे पीछे-पीछे घूमती है। इंडस्ट्री एसोसिएशन को छोटे-छोटे काम कराने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं। एक छोटा सा निर्णय कराने के लिए सालों बीत जाते हैं। आप सरकार ने यह सिस्टम खत्म कर दिया है। इसके लिए हमने सेक्टोरल कमेटी बनाई है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर कमेटी के अंदर एमएसएमई और लार्ज सेक्टर दोनों के प्रतिनिधि हैं ताकि पॉलिसी में सबको इनपुट आएं। मेरी इंडस्ट्रीय से अनुरोध है कि पॉलिसी को सब्सिडी से न भर दें। क्योंकि सरकार के पास ज्यादा सब्सिडी देने के लिए पैसे नहीं है। लेकिन सरकार इंडस्ट्री को इज ऑफ डूइंड बिजनेस का मौका देगी। महज तीन साल के अंदर इज ऑफ डूइंड के मामले में पंजाब पूरे देश में नंबर वन बन गया है। सरकार ऐसा सिस्टम देगी, जिसमें इंडस्ट्री खूब तरक्की करेगी। सब्सिडी देने का सिस्टम स्थाई नहीं है।
पंजाब में विकास की अपार संभावनाएं - भगवंत मान
इस दौरान सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि सितंबर 2023 में हुई सरकार-उद्योग बैठकों के दौरान सेक्टर आधारित 24 कमेटियों का विचार जन्मा था। ये कमेटियां प्रत्येक औद्योगिक सेक्टर के लिए विस्तृत रणनीतियां तैयार करने की जिम्मेदारी निभाएंगी। नई औद्योगिक नीति बनाते समय ये कमेटियां उद्योगपतियों से समान भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। सभी उद्योगपति उद्योग-अनुकूल नीतियां बनाने में सक्रिय रूप से अपने मूल्यवान विचार और सुझाव साझा करें और पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं, वास्तविक चुनौतियों और वित्तीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें दें। प्रत्येक कमेटी में एक अध्यक्ष, एक सदस्य सचिव और पंजाब ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्रियल इनवेस्टमेंट और जिला उद्योग केंद्रों के अधिकारी शामिल होंगे। राज्य सरकार ने बड़ी इकाइयों, एमएसएमई, उप-क्षेत्रों और सभी क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है, ताकि इस संबंध में सामूहिक निर्णय लिए जा सकें।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में विकास की अपार संभावनाएं हैं और हम एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। इन कमेटियों के समर्थन से राज्य एक दूरदर्शी और विश्वस्तरीय ईको-सिस्टम बना सकता है। भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का सबसे पसंदीदा औद्योगिक और निर्यात केंद्र बनाने के लिए उद्योगपतियों को समान भागीदार के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में विश्वास रखती है और इसलिए निवेशकों और प्रमुख हितधारकों को नीति निर्माण के दायरे में शामिल किया गया है। इसके ठीक विपरीत, पिछली सरकारों के कुप्रशासन के दौरान उद्यमियों पर दबाव डाला जाता था और उनका शोषण किया जाता था। पिछले शासकों ने राज्य के लोगों को केवल लूटा और उनके हाथ पंजाब के खून से रंगे हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में आम लोगों की सरकार है, जो सभी के लिए समान अवसर प्रदान करती है। हमारी सरकार उद्योगपतियों को परेशान नहीं करती, बल्कि उद्योग को प्रोत्साहित करने और फलने-फूलने में मदद करती है। ये कमेटियां अब हमारे प्रयासों को और मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और नशा पंजाब की छवि पर सबसे बड़े धब्बे हैं। राज्य सरकार इन बुराइयों को खत्म करने के लिए जोरदार प्रयास कर रही है। नशा विरोधी अभियान युद्ध नशे के विरुद्ध के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं और पंजाब नशा मुक्त होने के रास्ते पर है। पंजाब हर क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरेगा और पंजाबी विश्व स्तर पर राज्य और देश का नाम रौशन करते रहेंगे।
