NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने और CBI जांच तेज होने के बाद जिला प्रशासन ने अवैध कोचिंग क्लासेस और उनसे जुड़े ढांचे पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने खासतौर पर उन कोचिंग संस्थानों को निशाने पर लिया है जो औद्योगिक इकाइयों में अवैध रूप से चल रहे थे। जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि अवैध कोचिंग संस्थानों पर बुलडोजर एक्शन हो सकता है।
नीट पेपर लीक मामला
CBI ने अब तक 11 आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में CBI अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और रेनुकाई करियर सेंटर के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर शामिल हैं। हाल ही में पुणे की मनीषा हवालदार को भी फिजिक्स के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ा आदेश जारी करते हुए लातूर इंडस्ट्रियल एस्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी के भीतर मौजूद उन सभी व्यावसायिक गतिविधियों को तुरंत बंद करने को कहा जो औद्योगिक शेड्स में अवैध तरीके से चलाई जा रही थीं।
जिला उद्योग केंद्र ने अपने पत्र में क्या कहा?
जिला उद्योग केंद्र (DIC) की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि MIDC इलाके की कई औद्योगिक इकाइयों का इस्तेमाल कोचिंग क्लासेस, हॉस्टल, मेस, होटल, स्टडी रूम और बुक सेंटर के रूप में किया जा रहा था, जबकि ये प्लॉट मूल रूप से केवल उत्पादन और औद्योगिक कार्यों के लिए आवंटित किए गए थे।
प्रशासन के मुताबिक साल 2000 के बाद कई उद्योग बंद होने लगे, जिसके बाद इन शेड्स को निजी कोचिंग संस्थानों को किराए पर दिया जाने लगा। धीरे-धीरे यह इलाका लातूर के चर्चित ‘ट्यूशन एरिया’ में बदल गया। अब जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेश का पालन नहीं करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को NEET पेपर लीक जांच से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि जांच एजेंसियों को शक है कि कोचिंग नेटवर्क के जरिए परीक्षा में गड़बड़ी का बड़ा तंत्र तैयार किया गया था।
