Gyanesh Kumar on SIR: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। कुमार ने लखनऊ में सोमवार को कहा कि 'एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग में केवल जिगर का ही होना काफी नहीं है बल्कि इसमें मतदाताओं का सहयोग भी जरूरी है। एसआईआर में हमें बड़ी संख्या में वोटरों का सहयोग प्राप्त हुआ। इस सफलता के चलते ही अन्य देश भारत के चुनाव आयोग की तरफ देख रहे हैं। इसे सीखने की कोशिश में हैं और इसकी प्रशंसा कर रहे हैं।'
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार।
बीते दिनों ट्रंप ने की SIR की तारीफ
सीईसी ने आगे कहा कि 'कुछ देश अपने देश में SIR कराना चाहते हैं और कुछ देश ने भविष्य में इसे कराने का संकल्प जताया है।' सीईसी का इशारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की तरफ था जिसमें उन्होंने SIR के लिए चुनाव आयोग की तारीफ की और कहा कि अमेरिका में भी मतदान के लिए इसी तरह का फोटोयुक्त एक दस्तावेज होना चाहिए।'
'लखनऊ से मेरा पुराना नाता है'
कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया एवं उसकी पारदर्शिता समझाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आए कुमार ने संवाददाताओं से कहा, 'उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और इसकी पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।’ उन्होंने कहा, 'लखनऊ से मेरा पुराना नाता है। मैं यहां से उच्च शिक्षा के लिए गया था। मैं लंबे समय बाद अपनी कर्मभूमि लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आया हूं। मुझे विशेष रूप से बूथ स्तर के अपने अधिकारियों (बीएलओ) से कुछ बातें करनी हैं। ये बीएलओ लोकतंत्र की नींव हैं।’
यूपी में अगले साल होंगे विस चुनाव
उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ हवाई अड्डे पर कुमार की अगवानी की। कुमार का कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत करने का कार्यक्रम है, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) 2.0 और निर्वाचन आयोग के डिजिटल मंच ’ईसीआईनेट’ पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। कुमार मंगलवार को लखनऊ और आसपास के जिलों के बूथ स्तर के करीब 500 अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
मेरठ और वाराणसी में भी आयोजित किए जाएंगे
'व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता’ (स्वीप) पहल के तहत 2018 में शुरू किए गए चुनावी साक्षरता क्लब कार्यक्रम को अब 'ईएलसी 2.0’ के रूप में नया स्वरूप दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों को पूरे वर्ष सक्रिय, अनुभव-आधारित और डिजिटल माध्यमों से संचालित करना है। ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन बाद में मेरठ और वाराणसी में भी आयोजित किए जाएंगे।
