Mangal MIlan: संसद के चल रहे हंगामेदार मानसून सत्र के बीच मंगलवार सुबह एनडीए (NDA) संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक शुरू हो गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए के अन्य घटक दलों के शीर्ष नेता शामिल हैं। यह बैठक संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी सभागार में सुबह 9:30 बजे से शुरू हुई।
NDA मंगल मिलन बैठक
TMC के बागी सांसद पहली बार NDA बैठक में शामिल
इस बैठक की सबसे बड़ी खास बात यह है कि पहली बार नवगठित 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) को इस गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर NCPI बनाने वाले बागी सांसद आज पहली बार एनडीए की संसदीय दल की बैठक का हिस्सा बने हैं। बैठक में सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग सहित NCPI के कई प्रमुख सांसदों के उपस्थित रहने की उम्मीद है।
पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में घमासान
संसद का यह मानसून सत्र परीक्षा सुधारों और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर काफी हंगामेदार रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष के भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया था, जिसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा था।
विधेयक के 7 प्रमुख संशोधन और प्रावधान
प्रस्तावित कानून का उद्देश्य 2024 के मूल अधिनियम में 7 प्रमुख संशोधन करके पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली के खिलाफ कानूनी ढांचे को बेहद मजबूत बनाना है। इसमें शामिल हैं:
- समयबद्ध जांच और मुकदमों की सुनवाई
- विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन
- विशेष कार्य बल और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति
- दोषियों के लिए कड़ी सजा
- भारी वित्तीय जुर्माना
- अपीलीय प्रक्रिया को सरल बनाना
बहस के लिए NDA ने उतारी युवा सांसदों की फौज
इस विधेयक पर संसद में होने वाली 6 घंटे की चर्चा के लिए एनडीए ने अपने कई युवा सांसदों को बोलने के लिए तैयार किया है। इनमें भाजपा (BJP) की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या प्रमुख वक्ता होंगे। इसके अलावा जेडीयू (JDU) के आलोक कुमार सुमन, टीडीपी (TDP) के लावु श्री कृष्ण देवरायालु, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी (NCP) के सुनील तटकरे, अपना दल की अनुप्रिया पटेल और एलजेपी (रामविलास) के अरुण भारती के साथ-साथ गठबंधन की नई सहयोगी शर्मिला सरकार और मिताली बाग भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगी।
राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
यह बैठक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्ष 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग कर रहा है और संसद की कार्यवाही लगातार बाधित कर रहा है। विपक्ष इस नए कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठा रहा है। इससे पहले, 21 जुलाई को हुई एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया था कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उन्होंने जोर देकर कहा था कि पेपर लीक का मुद्दा एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है, जिस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
