नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल ने ED की याचिका का किया विरोध, कहा- निजी शिकायत के आधार पर PMLA कार्रवाई का देश में इकलौता मामला

गांधी परिवार की ओर से दाखिल जवाब में ED के 14 जनवरी 2015 के तकनीकी सर्कुलर का हवाला दिया गया है। उस सर्कुलर में शेड्यूल्ड अपराध के मामले में ECIR दर्ज करने के संदर्भ में FIR और उसे मजिस्ट्रेट के सामने भेजे जाने की आवश्यकता बताई गई थी।

नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED)की याचिका का विरोध किया है। दोनों की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि ED की कार्रवाई कानून के दुरुपयोग पर आधारित है और यह मामला एक निजी शिकायत को आधार बनाकर शुरू किया गया, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए पहले शेड्यूल्ड यानी मूल अपराध की जांच जरूरी है।

Rahul Gandhi-Sonia Gandhi

राहुल गांधी-सोनिया गांधी

ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही बताया

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से कहा गया है कि रॉउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज ने 16 दिसंबर 2025 को ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए जो आदेश दिया था, उसमें न तो अधिकार क्षेत्र की कोई गलती है और न ही कोई कानूनी खामी। जवाब में ED की रिवीजन याचिका को ही सुनवाई योग्य नहीं बताया गया है।

सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत को बनाया आधार

गांधी परिवार की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि इस मामले में डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत को आधार बनाया गया। जवाब के मुताबिक, निजी शिकायत को ED की ओर से ECIR दर्ज करने, जांच शुरू करने और PMLA के तहत अभियोजन चलाने का आधार नहीं बनाया जा सकता। जवाब में यह भी दावा किया गया है कि पूरे देश में यह ऐसा मामला है जिसमें किसी निजी व्यक्ति की गैर-सांविधिक शिकायत को PMLA कार्रवाई शुरू करने की बुनियाद बनाया गया।

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