Shubhanshu Shukla Message: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए एक्सिओम -4 मिशन बुधवार को 12 बजकर एक मिनट पर फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लिए रवाना हो गया। चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल भारत के शुभांशु शुक्ला भी इस मिशन पर हैं। स्पेसक्राफ्ट के धरती से रवाना होते ही शुभांशु ने भारत के लिए अपना संदेश भेजा। अपने संदेश में उन्होंने कहा, 'नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों! क्या रवानगी है! 41 साल के बाद हम एक बार फिर अंतरिक्ष में हैं। यह बहुत ही शानदार यात्रा है। हम प्रति संकेंड 7.5 किलोमीटर की रफ्तार से धरती का चक्कर लगा रहे हैं। कंधे पर लगा तिरंगा मुझे अहसास करा रहा हूं कि मैं आप लोगों के साथ हूं।'
एक्सिओम-4 मिशन आईएसएस के लिए रवाना हुआ।
आप सभी इस यात्रा का हिस्सा बनें-शुभांशु
ग्रुप कैप्टन ने आगे कहा, 'मेरी यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए शुरुआत नहीं है बल्कि यह यात्रा भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ी है। मैं चाहता हूं कि आप सभी इस यात्रा का हिस्सा बनें। आपका सीना भी गर्व से चौड़ा होना चाहिए...चलिए हम साथ मिलकर भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत करें। जय हिंद, जय भारत।'
डॉ. जितेंद्र सिंह ने लड्डू खिलाया
मिशन के सफलतापूर्वक लॉन्च होने पर भारत में लोग खुशी से झूम उठे। खासकर, शुभांशु के गृह नगर कानपुर में गजब का उत्साह देखा गया। केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह, भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग की कमिश्नर फिलिप ग्रीन, साउथ ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर फ्रांसिस एडम्सन और अन्य ने एक दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
26 जून को आईएसएस से होगी 'डॉकिंग'
वहीं शुक्ला के शहर लखनऊ स्थित ‘सिटी मोंटेसरी स्कूल’ में उनके माता पिता इस ऐतिहासिक उड़ान के गवाह बने। लखनऊ में जन्मे शुक्ला, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) की अंतरिक्ष यात्री पूर्व मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपू व पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की एक्सिओम-4 मिशन का हिस्सा हैं। शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए। इससे 41 साल पहले भारत के राकेश शर्मा ने 1984 में तत्कालीन सोवियत संघ के सैल्यूट-7 अंतरिक्ष स्टेशन के तहत कक्षा में आठ दिनों तक प्रवास किया था। नासा ने एक बयान में कहा कि डॉकिंग का समय बृहस्पतिवार, 26 जून को भारतीय समयानुसार शाम लगभग साढ़े चार बजे निर्धारित है।
