दरअसल 2024 से पहले जो लोग मोदी सरकार को मुसलमान विरोधी मानते हैं। जो लोग कहते हैं कि देश में मुसलमानों को डराया जा रहा है उन तथाकथित सेक्युलर गैंग को अब मुसलमानों ने करारा जवाब दिया है। मोदी विरोधी भले ही मोदी को मुसलमान विरोधी कहें लेकिन भारत के मुसलमान प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया माइनॉरिटी कांक्लेव में अहमदिया मुसलमानों ने पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ की। अहमदिया मुसलमानों ने कहा कि अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए मोदी सरकार ने बेशुमार काम किए हैं। जिनकी दिल खोलकर तारीफ होनी चाहिए। साथ ही तीन तलाक कानून बनाने की भी तारीफ की।
सूफी इस्लामिक बोर्ड और उलेमा फाउंडेशन ने भी पीएम के कार्यों की सराहना की है। सूफी इस्लामिक बोर्ड ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में देश का मान बढ़ाया है। आज दुनिया पीएम मोदी का लोहा मानती है। वहीं उलेमा फाउंडेशन का कहना है कि 1947 के बाद ऐसा कोई दूसरा प्रधानमंत्री नहीं जिसने अल्पसंख्यकों के दुख दर्द को समझा।
ये बात भी सच है कि प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं। हाल ही में पीएम मोदी ने बोहरा समाज के लोगों से मुलाकात की और उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह बताया। इतना ही नहीं 2024 के लिए बीजेपी अल्पसंख्यकों को जोड़ने का अभियान अगले महीने से चलाने वाली है।
देशभर में ऐसे राज्यों को चिन्हित किया गया है जहां मुस्लिम आबादी 30 फीसदी या उससे अधिक है। मुसलमानों में प्रधानमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी परेशान है क्योंकि जिस वोट बैंक पर विपक्षी दल अपना एकाधिकार समझते थे अब वो भी उनके हाथ से निकल रहा है।
ऐसे में आज के सवाल हैं
मोदी+मुसलमान= 2024 का 'विजयी प्लान' ?
मोदी से खुश मुसलमान...'सेक्युलर गैंग' परेशान ?
मुस्लिम, ईसाई मोदी के साथ...विपक्ष अब खाली हाथ?
क्या मोदी ने तुष्टिकरण की राजनीति पर 'ताला' लगा दिया ?
