केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रक्षा बलों के कर्मियों एवं परिवार पेंशनधारकों के लिये ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (ओआरओपी) के प्रावधानों में संशोधन के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी । सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी।
वन रैंक, वन पेंशन में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी (फाइल फोटो)
Cabinet approves next revision of pension of Defence Forces Personnel/family pensioner under One Rank One Pension (… t.co/jsBV5FGfJ0
— ANI (@ANI) Dec 23, 2022
ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि इसका लाभ परिवार पेंशनधारकों के साथ युद्ध में शहीद होने वाले जवानों की विधवाओं एवं दिव्यांग पेंशनधारकों को भी मिलेगा।उन्होंने बताया कि इसके कारण सरकारी कोष पर प्रति वर्ष 8450 करोड़ रूपये का भार पड़ेगा । ठाकुर ने कहा कि इसे एक जुलाई, 2019 से लागू किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि इसके तहत जुलाई 2019 से जून 2022 तक की अवधि का एरियर या बकाया भी दिया जायेगा जिसके मद में 23,638.07 करोड़ रूपये की राशि बनती है। उन्होंने कहा इसका लाभ सभी रक्षा बलों से सेवानिवृत होने वाले और परिवार पेंशनधारकों को मिलेगा।
संशोधित वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) कार्यक्रम के तहत लगभग 25 लाख सैन्य पेंशनभोगियों को लाभ होगा। बकाया राशि का भुगतान चार छमाही किश्तों में किया जाएगा। हालांकि, विशेष पारिवारिक पेंशन पाने वाले और वीरता पुरस्कार विजेताओं सहित सभी पारिवारिक पेंशनरों को एक किस्त में एरियर का भुगतान किया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने एक जुलाई 2014 से पेंशन संशोधन के लिए नवंबर 2015 में ओआरओपी लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। सरकार ने कहा था कि वह हर पांच साल में पेंशन पर फिर से काम करेगी। आठ वर्षों में अब तक लगभग 57,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष 7,123 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
एजेंसी इनपुट के साथ
