प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार ने किसानों, खेल और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मे लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पीएम-किसान योजना (PM-KISAN) को जारी रखने, 'खेलो इंडिया' योजना का बड़े स्तर पर विस्तार करने और प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना शुरू करने का फैसला लिया गया है।
मोदी कैबिनेट
PM-KISAN योजना जारी रहेगी
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में किसानों के खातों में करीब 3.10 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार, इस योजना की बदौलत 85 प्रतिशत किसानों पर कर्ज का बोझ कम हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से इस योजना को निरंतर जारी रखा जाएगा।'खेलो इंडिया' योजना को मिलेगा नया विस्तार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने 29,000 करोड़ रुपये की लागत वाली नई 'खेलो इंडिया' योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्कूली छात्रों और युवाओं को खेलों के लिए व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाएगा। इसमें स्टेडियम और खेल अवसंरचना के विकास के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पोषण, खेल विज्ञान और मेंटरशिप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह योजना 2030 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले ओलंपिक, पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से भी जुड़ी होगी। इसके तहत खिलाड़ियों को वर्तमान की तुलना में 10 गुना अधिक सहयोग उपलब्ध कराने और प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयार करने के लिए एक व्यापक प्रणाली विकसित की जाएगी।
'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को भी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के जलाशयों, झीलों, नहरों और औद्योगिक तालाबों की सतह पर फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (PV) परियोजनाएं स्थापित करना है। वैष्णव ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना में बिजली की मांग के पीक समय को देखते हुए दो घंटे की ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि परियोजनाओं का चयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि मौजूदा जलाशयों और नहरों का उपयोग कर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ भूमि पर दबाव भी कम होगा।
'समुद्र मंथन' योजना से बढ़ेगी तेल और गैस की खोज
कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' (राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना) को भी मंजूरी दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना पर वित्त वर्ष 2030-31 तक कुल 84,084 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडारों की खोज को तेज करना है। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक नए हाइड्रोकार्बन भंडार जुड़ सकते हैं। इसके अलावा ऑफशोर एक्सप्लोरेशन गतिविधियों में तेजी आएगी, घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
