शहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क को लेकर पाकिस्तान के बयान पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद बेहद गंभीर मुद्दा है और भारत इसे पूरी गंभीरता से लेता है। भारत चाहता है कि वैश्विक समुदाय ऐसे कृत्यों की गंभीरता को समझे। विदेश मंत्रालय का ये बयान साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में आया। इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे, इंडोनेशिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी प्रदर्शनों समेत कई मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश को अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति के अनुरोध, अफगानिस्तान के साथ भारत के संबंधों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की चुनावी व्यवस्था पर टिप्पणी और उत्तर प्रदेश-जापान निवेश बैठक पर भी बात की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
शहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क पर पाकिस्तान को भारत का जवाब
इस दौरान शहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर भी विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद बेहद गंभीर मुद्दा है और भारत इसे पूरी गंभीरता से लेता है। जायसवाल ने कहा कि भारत ने आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद, के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए वर्षों से प्रयास किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी और इस खतरे को खत्म करने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, भारत उन्हें उठाता रहेगा।
बांग्लादेश के PM तारिक रहमान के भारत दौरे पर क्या बोला MEA?
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर फिलहाल कोई नया अपडेट नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई जानकारी होगी, मीडिया के साथ साझा की जाएगी। जायसवाल ने बताया कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने का सौहार्दपूर्ण निमंत्रण दिया है।
ट्रंप की टिप्पणी पर भारत ने दिया दो टूक जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के चुनाव आयोग को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि इस मामले में उनकी कोई विशेष टिप्पणी नहीं है। हालांकि, उन्होंने भारत की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि भारत की चुनावी मशीनरी की विश्वसनीयता और मजबूती वैश्विक स्तर पर स्थापित तथ्य हैं।
इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप पर भारत ने जताया दुख
प्रेस वार्ता के दौरान इंडोनेशिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप पर उन्होंने गहरा दुख जाहिर किया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस त्रासदी में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं। भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत-बचाव कार्यों में हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
PoK में प्रदर्शन पर भारत ने जताई चिंता
PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी भारत ने चिंता जताई। जायसवाल ने कहा कि वहां कई लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि PoK में मौजूदा स्थिति ऐसी है कि वहां की स्थानीय आबादी को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति और एकजुटता की जरूरत है। भारत ने संकेत दिया कि वह PoK में आम लोगों की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
बांग्लादेश की अतिरिक्त ऊर्जा की मांग पर भारत का रुख
बांग्लादेश की ओर से भारत से अतिरिक्त ऊर्जा की मांग किए जाने की खबरों पर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से ही ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग जारी है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त अनुरोध पर भारत विचार कर रहा है। इस फैसले में भारत की अपनी ऊर्जा जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और देश में उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखा जा रहा है। जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखकर संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी हित और पारस्परिकता के आधार पर आगे बढ़ने चाहिए।
अफगानिस्तान के साथ संबंधों पर भी भारत का रुख स्पष्ट
अफगानिस्तान को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का वहां के लोगों के साथ लंबे समय से संबंध रहा है। जायसवाल के मुताबिक, पिछले एक साल में अफगानिस्तान के साथ भारत की भागीदारी में तेजी आई है। इसमें राजनयिक संपर्क, मानवीय सहायता और विकास सहयोग कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत के जुड़ाव की प्रकृति और स्तर इन्हीं प्राथमिकताओं के आधार पर तय होता रहेगा। जायसवाल ने बताया कि अक्टूबर 2025 में भारत ने काबुल स्थित अपने तकनीकी मिशन का दर्जा बढ़ाकर दूतावास कर दिया था। इसके बाद तकनीकी मिशन के प्रमुख का पद भी बढ़ाकर चार्ज डी अफेयर्स कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आगे कोई प्रगति होती है तो उसकी जानकारी साझा की जाएगी।
यूपी-जापान निवेश बैठक को बताया सकारात्मक कदम
उत्तर प्रदेश-जापान निवेश बैठक को लेकर जायसवाल ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करना लगातार भारत की प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के दौरान विभिन्न जापानी प्रीफेक्चर के गवर्नरों के साथ बैठक कराने की पहल की गई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के मौजूदा संबंधों को और मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि अब भारत चाहता है कि केंद्र सरकार के स्तर के साथ-साथ दोनों देशों के राज्यों के बीच भी सीधे संबंध विकसित हों। इससे विनिर्माण समेत विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में निवेश और सहयोग को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। जायसवाल ने कहा कि निवेश और आर्थिक सहयोग के लिहाज से यह सकारात्मक घटनाक्रम है कि दोनों देशों के राज्यों के बीच सहमति बन रही है और वे मिलकर आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
