Rau IAS Coaching Centre Incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद एमसीडी का एक्शन जारी है। सोमवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में छह और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट को सील कर दिया, जिससे सील किये गये कुल बेसमेंट की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इससे पहले रविवार को नगर निगम ने इलाके में 13 अवैध कोचिंग सेंटर को सील कर दिया था। राव आईएएस स्टडी सर्किल को पुलिस ने पहले ही सील कर दिया है।
एमसीडी ने अब तक 20 कोचिंग संस्थानों को सील किया।
एमसीडी की ओर से सील करने की यह ताजा कार्रवाई सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से मौत होने की घटना के दो दिन बाद की गई है। जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई है उनमें दृष्टि IAS जैसे कई प्रमुख कोचिंग सेंटर शामिल हैं।
मुखर्जी नगर और राजेंद्र नगर में जला MCD का बुलडोजर
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नगर निगम ने ओल्ड राजेंद्र नगर में अतिक्रमण-रोधी अभियान भी चलाया, जिसमें उन संरचनाओं को ध्वस्त किया गया जो बरसाती नालों को ढक रही थीं, जिसके कारण इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि शहर के अन्य हिस्सों में भी अवैध रूप से बेसमेंट का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अब तक राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में कोचिंग संस्थानों के 20 बेसमेंट को सील कर दिया गया है, जिनका अवैध रूप से पुस्तकालयों या कक्षाएं संचालित करने के लिए उपयोग किया जा रहा था।
इन संस्थानों पर गिरी गाज
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सोमवार को एमसीडी की जांच के दायरे में आए प्रमुख कोचिंग संस्थानों में - राजेंद्र नगर में दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट, वाजी राम एंड रवि आईएएस हब और श्रीराम आईएएस इंस्टीट्यूट और मुखर्जी नगर में दृष्टि (द विजन) शामिल हैं। बयान में कहा गया कि वाजी राम एंड रवि आईएएस हब की इमारत के तीन बेसमेंट सील किये गए हैं। एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में अवैध रूप से बेसमेंट का इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि बाद में बेसमेंट से अवैध रूप से संचालित किये जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ पूरे शहर में इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।
