Maratha Reservation: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर हंगामा मचा हुआ है। आंदोलन हो रहा है, आमरण अनशन हो रहा है, आगजनी हो रही है, नेताओं को घेरा जा रहा है। इन सब चीजों को लेकर मुंबई से लेकर दिल्ली तक में हलचल मची हुई है। हाल ये है कि कुछ सांसद इस्ताफी दे चुके हैं, विधायक सपोर्ट में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बार सीधे निशाने पर सरकार है। यही कारण है कि इसका हल निकालने के लिए सीएम एकनाथ शिंदे ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में बवाल
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विधायकों का प्रदर्शन
सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार समूह) के दो विधायकों समेत तीन विधायकों ने मंगलवार को दक्षिण मुंबई स्थित राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया और मराठा आरक्षण के मुद्दे के समाधान के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। राकांपा (अजित पवार समूह) के विधायक नीलेश लंके एवं राजू नवघरे और विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) विधायक कैलास पाटिल पहले मंत्रालय (राज्य सचिवालय) के निकट महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आरक्षण की मांग के समर्थन में धरने पर बैठे और बाद में राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में विधायकों को राजभवन के अंदर बुलाया गया जहां उन्होंने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की।
बुधवार को सर्वदलीय बैठक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य के कुछ हिस्सों में हिंसक रूप ले चुके मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच हालात पर चर्चा करने के लिए बुधवार सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि शिंदे विपक्षी दलों के नेताओं को स्थिति से निपटने के लिए सरकार की योजनाओं से अवगत कराएंगे और उनसे सहयोग का आग्रह करेंगे।
हिंसा की घटनाएं
आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन जहां सातवें दिन में प्रवेश कर गया है, वहीं पिछले दो दिन में राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं देखी गईं। मराठवाड़ा के पांच जिलों में सरकारी बस सेवाएं पूरी तरह से निलंबित कर दी गई हैं। वहीं, बीड के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट बंद कर दिया गया है, जहां प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के आवासों को निशाना बनाया था। मराठवाड़ा क्षेत्र में हिंसक घटनाओं के मद्देनजर महाराष्ट्र के जालना जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
