दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए शुक्रवार को यहां की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया। सिसोदिया को कथित आबकारी घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनके वकील ने यह जानकारी दी। वकील ऋषिकेश ने बताया कि इस आवेदन पर विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल की अदालत में सुनवाई होने की संभावना है।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
सिसोदिया को सोमवार को सीबीआई की हिरासत में भेजा गया था। उन्हें सीबीआई हिरासत खत्म होने पर शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने अब रद्द की जा चुकी साल 2021-22 की आबकारी नीति बनाने एवं उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में रविवार शाम को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार करने से पहले उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई थी, लेकिन उनके जवाब कथित रूप से संतोषजनक नहीं पाए गए थे।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया बेल के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। जहां उन्होंने अपनी याचिका में सीबीआई जांच और गिरफ्तारी की चुनौती देते हुए जमानत की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए सिसोदिया को हाईकोर्ट जाने की सलाह दे दी।
क्या कहा था कोर्ट ने
सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ मनीष सिसोदिया की याचिका पर विचार करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह जमानत के लिए यहां सीधे क्यों आए हैं, उन्हें हाईकोर्ट जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मामले में दखल देने से सीधे इनकार कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा- यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के बारे में है। विनोद दुआ का मामला बहुत अलग था, यह एक भ्रष्टाचार का मामला है। उच्च न्यायालय जाइए।
