Manipur Violence : मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि जातीय हिंसा में अब तक 60 लोगों की जान जा चुकी है और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। जबकि करीब 35,000 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। सीएम का कहना है कि इस हिंसा में करीब 1,700 घरों में आगजनी की गई है। यही नहीं पुलिस शस्त्रागारों से 1,041 हथियार एवं 7,460 राउंड कारतूस लूटे गए है। सीएम ने शांति की अपील करते हुए कहा कि 'यह बहुत ही दुखद घठना है।'
मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों को मुआवजा देगी राज्य सरकार।
जांच के दायरे में सरकारी कर्मी भी होंगे-सीएम
राज्य को हिंसा की आग में झोंकने के लिए जो लोग या समूह जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाने वाले सरकारी कर्मी भी जांच के दायरे में होंगे। बता दें कि मणिपुर में जानमाल का भारी नुकसान होने पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और पूर्वोत्तर के इस राज्य को वहां जातीय हिंसा से प्रभावित हुए लोगों को राहत सहायता मुहैया करने तथा उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
गत तीन मई को जातीय हिंसा की चपेट में आया मणिपुर
बता दें कि गत तीन मई से मणिपुर जातीय हिंसा की चपेट में है। इस दिन चुराचंदपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और कुकी की अगुवाई वाले समूहों में संघर्ष शुरू हो गया। धीरे-धीरे यह हिंसा पूरे राज्य में फैल गई। हिंसा के स्तर एवं नुकसान को देखते हुए प्रशासन को इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी और कर्फ्यू लगाना पड़ा। हालात पर काबू करने के लिए देखते ही गोली मारने के आदेश भी जारी किए गए।
सोमवार को कर्फ्यू में 4 घंटे की ढील
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो दिनों से हिंसा की कोई घटना नहीं होने पर सोमवार को कर्फ्यू में तीन घंटे की ढील दी गई। उन्होंने बताया कि राज्य में दोबारा शांति स्थापित करने के लिए राज्य सरकार चौबीस घंटे काम कर रही है। सीएम का कहना है कि हिंसा की वजह से विस्थापित हुए लोगों को दोबारा उनके घर वापस लाया जाएगा। सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीधे तौर पर हालात पर नजर रखे हुए हैं।
छात्र अपने गृह प्रदेश लौटे
उन्होंने कहा कि विस्थापित हुए करीब 20,000 लोग सुरक्षित अपने घरों को वापस लौट आए हैं। बाकी बचे 15,000 लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तीन कैबिनेट मंत्रियों की एक उप समिति बनाई गई है। उन्होंने कहा, 'करीब 1,500 लोग जिनमें ज्यादातर बाहरी राज्यों के छात्र थे, वे अपने गृह प्रदेश लौट गए हैं।' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने मृतकों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायल लोगों को 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का फैसला लिया है।
