मणिपुर में नई झड़प में 2 लोगों की मौत के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखा। यह घटना तब हुई जब मणिपुर में जारी हिंसा के बीच दो लोगों की हत्या कर दी गई। इंफाल में मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के बंगले के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी उस समय हैरान रह गए, जब सोमवार को लोगों का एक समूह वहां एक शव लेकर पहुंचा और उसे गेट के बाहर छोड़ दिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
यह घटना सोमवार सुबह तब हुई जब दो लोग जंगल में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे और कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई। इन नई हत्याओं के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और शव को इंफाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर रख दिया।
लोगों के समूह पर उग्रवादियों ने कथित तौर पर की गोलीबारी
अधिकारियों के अनुसार, इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे लोगों के समूह पर उग्रवादियों ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें चार अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान 35 साल के अरुबम रोनिल और 51 साल के लैरेनलाकपाम इनओबी के रूप में हुई है।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: मणिपुर हिंसा: पिछले 24 घंटे में 28 घरों में लगाई गई आग, घर छोड़कर लोगों को जंगल में लेनी पड़ी शरण
इस घटना में तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं
इंफाल पूर्व के नोंगमशुम गांव से कुछ मीटर दूर, कांगपोकपी के खोंगबाल सुनुरोक उयोके में हुई इस घटना में तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 16 लोगों का एक समूह सुबह करीब 7 बजे अपने गांव के पास की पहाड़ियों पर जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गया था, तभी उन पर हमला कर दिया गया। यह तुरंत पता नहीं चल सका कि जब मुख्यमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, तब मुख्यमंत्री वहां मौजूद थे या नहीं। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले दागे। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया।
