विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)ने अमेरिकी संस्था The Timothy Initiative (TTI) और उससे जुड़े छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच और गृह मंत्रालय की शिकायत के आधार पर की गई है। CBI ने मामला 27 अगस्त 2026 को दर्ज किया।CBI की दिल्ली स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EO-II) ने मामले में विदेशी फंडिंग से जुड़े कथित नियमों के उल्लंघन के अलावा आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने से संबंधित आरोपों की जांच शुरू की है।
विदेशी फंडिंग मामले में CBI का बड़ा एक्शन (File image)
92.55 करोड़ रुपये की विदेशी रकम का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 92.55 करोड़ रुपये (99,95,240 अमेरिकी डॉलर) की विदेशी रकम भारत में कथित तौर पर विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए निकाली और इस्तेमाल की गई। ये कार्ड अमेरिका के Truist Bank से जारी होने की बात सामने आई है। एजेंसियों का आरोप है कि इस तरीके से FCRA और FEMA के प्रावधानों को दरकिनार किया गया। जांच में जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच करीब 44 करोड़ रुपये की रकम कर्नाटक, छत्तीसगढ़, असम और अन्य राज्यों में विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए निकाले जाने की बात भी सामने आई है।1000 से ज्यादा विदेशी डेबिट कार्ड का दावा
ED की जांच के मुताबिक, 18 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर Micah Mark के पास 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिले थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इन कार्डों पर ‘Santosh Kumar’ नाम दर्ज था। ED का आरोप है कि एक ही नाम के इस्तेमाल से वास्तविक कार्ड उपयोगकर्ताओं की पहचान छिपाई गई और KYC प्रक्रिया को दरकिनार करने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों ने भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान 1000 से ज्यादा ऐसे विदेशी डेबिट कार्ड बांटे जाने का भी दावा किया है।
