तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस खाली करने के आदेश को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। मोइत्रा ने इस मामले में महिला सांसदों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
महुआ मोइत्रा
क्या है पूरा मामला
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब शुक्रवार रात कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस में ठहरीं मोइत्रा को कथित तौर पर देर रात कमरा खाली करने के लिए कहा गया। बता दें कि कृष्णानगर उनका संसदीय क्षेत्र है और मोइत्रा का कहना है कि उन्हें पहले राज्य सरकार की इस संपत्ति में एक कमरा आवंटित किया गया था। महुआ मोइत्रा ने बताया कि वह शाम करीब 6:15 बजे सर्किट हाउस पहुंचीं थीं। इसके बाद रात 9:47 बजे नादिया के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने उन्हें फोन कर बताया कि उन्हें यह जगह खाली करनी होगी। सांसद ने कहा कि रात 10:52 बजे उन्हें व्हाट्सऐप पर एक आदेश की प्रति भेजी गई, जिसमें वार्षिक सफाई का हवाला देते हुए उनकी बुकिंग जारी नहीं रखे जाने की बात कही गई।
बाहर नारेबाजी, मोइत्रा ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सर्किट हाउस छोड़ने से इनकार कर दिया, तो बाहर मौजूद भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाए।लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में महुआ मोइत्रा ने कहा कि रात में अकेली ठहरी एक महिला सांसद से उसके अधिकार वाले आवास को खाली करने के लिए कहना न केवल उनके अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि महिलाओं को मिलने वाली सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और देशभर की महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
महिला आरक्षण विधेयक पर भी उठाया सवाल
इसके साथ ही महुआ मोइत्रा ने अपने पत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात करने वाले महिला आरक्षण संबंधी कानून या विधेयक का उद्देश्य तब तक अधूरा रहेगा, जब तक निर्वाचित महिला सांसदों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि सदन तक पहुंचने के लिए संघर्ष करने वाली महिला सांसदों की गरिमा की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।
IPU से भी की शिकायत
तृणमूल कांग्रेस सांसद ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय संगठन अंतर-संसदीय संघ (IPU) के समक्ष भी उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर IPU को टैग करते हुए दावा किया कि एक मौजूदा महिला सांसद होने के बावजूद उनसे रात में आधिकारिक गेस्ट हाउस का कमरा खाली करने को कहा गया, जबकि बाहर भीड़ नारेबाजी कर रही थी।
विपक्षी नेताओं ने किया समर्थन
वहीं, महुआ मोइत्रा के साथ हुई इस घटना को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने भी चिंता जाहिर की है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ' ब्रायन ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर सवाल उठाया। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह सांसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन है। इसके साथ ही माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने भी घटना की निंदा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि रात में एक महिला सांसद को सर्किट हाउस खाली करने का आदेश देना और बाहर भीड़ का नारेबाजी करना क्या महिलाओं के सम्मान के दावों के अनुरूप है।
