महाराष्ट्र सीएम पर सस्पेंस बरकरार, आज दिल्ली में महायुति नेताओं की अहम बैठक, क्या फणडवीस के नाम पर लगेगी मुहर?

महाराष्ट्र चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भी सीएम पद को लेकर गतिरोध बना रहा और फैसला नहीं हो सका कि शीर्ष पद कौन लेगा। शिवसेना के नेता व विधायक लगातार दबाव बनाते रहे कि सीएम पद शिंदे को ही मिलना चाहिए।

KEY HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र में महायुति को प्रचंड जीत के बाद भी सीएम पद पर अब तक फैसला नहीं
  • देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार आज दिल्ली पहुंचेंगे
  • अमित शाह से करेंगे मुलाकात, सरकार गठन का फॉर्मूला होगा तय

Who Will Be Maharashtra Chief Minister: महाराष्ट्र में महायुति को प्रचंड जीत तो मिल गई, लेकिन मुख्यमंत्री पद पर फैसला अब तक नहीं हो सका है। सीएम पद को लेकर बना सस्पेंस अब तक बरकरार है। सियासी कयासबाजियों के बीच आज इसे लेकर फैसला हो सकता है। महायुति गठबंधन के तीन शीर्ष नेता भाजपा के देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना के एकनाथ शिंदे और एनसीपी के अजित पवार आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। खबर है कि महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शाम 4 बजे दिल्ली पहुंचेंगे और अमित शाह और महायुति नेताओं के बीच आज शाम ही बैठक होगी।

Mahayuti Leaders

महायुति नेताओं की बैठक

महायुति ने रचा इतिहास

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटें जीतकर नया इतिहास रचा। भाजपा 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो अब तक की उसकी सबसे बड़ी संख्या है। जबकि शिवसेना और एनसीपी को 57 और 41 सीटें मिलीं। हालांकि, प्रचंड जीत के बाद भी सीएम पद को लेकर गतिरोध बना रहा और फैसला नहीं हो सका कि शीर्ष पद कौन लेगा। शिवसेना के नेता व विधायक लगातार दबाव बनाते रहे कि सीएम पद शिंदे को ही मिलना चाहिए।

हालांकि, फडणवीस के ही राज्य की बागडोर संभालने की उम्मीद है, क्योंकि भाजपा ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। अजित पवार ने इसके लिए पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री का शपथग्रहण 30 नवंबर या 1 दिसंबर को होने की संभावना है। नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। महायुति गठबंधन के कुछ नेता मुंबई से दिल्ली तक चक्कर लगा रहे हैं और भाजपा आलाकमान के साथ बैठकें कर रहे हैं। देर रात भाजपा नेता विनोद तावड़े ने अमित शाह से करीब 40 मिनट तक मुलाकात की और महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व को इस बात की चिंता है कि अगर महाराष्ट्र में गैर-मराठा मुख्यमंत्री फडणवीस का नाम आता है तो मराठा समुदाय को ठेस पहुंचेगी। फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मराठा वोटों को कैसे बरकरार रखा जाए, इस पर मंथन हो रहा है।

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