Eknath Shinde: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता के लिए बाल ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा को दफन कर दिया तथा कांग्रेस और समाजवादी दलों से हाथ मिला लिया। आजाद मैदान में शिव सेना की दशहरा रैली में विशाल सभा को संबोधित करते हुए शिंदे ने ठाकरे का नाम लिए बिना कहा कि उन्होंने अपनी वैचारिक विरासत के साथ बेईमानी करके बाल ठाकरे की पीठ में छुरा घोंपा है।
एकनाथ शिंदे
शिंदे ने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर वे (शिवसेना-यूबीटी) असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन कर लें । इसके साथ ही शिंदे ने कहा कि वे अपने स्वार्थी उद्देश्यों और सत्ता के लिए हमास, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों को भी गले लगा सकते हैं।
बाला साहेब की विचारधारा को दफन किया
शिंदे ने कहा आपने सत्ता के लिए कांग्रेस और समाजवादियों के साथ जाकर बाला साहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा को दफन कर दिया। बाला साहेब ने शिवतीर्थ (शिवाजी पार्क मैदान) से 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' का नारा दिया था, लेकिन उस स्थल से 'गर्व से कहो हम कांग्रेसी और समाजवादी हैं' जैसे नारे दिए जा रहे हैं। शिंदे ने कहा कि जो पार्टियां अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की समयसीमा पर सवाल उठाकर भाजपा पर निशाना साधती थीं, वे अब शर्मिंदगी महसूस कर रही हैं। शिंदे ने कहा, उन्होंने अपना चेहरा खो दिया है। अब वे अयोध्या कैसे जाएंगे?
2004 से ही मुख्यमंत्री बनना चाहते थे उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को दावा किया कि उद्धव ठाकरे 2004 से ही मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पाले हुए थे, लेकिन बात नहीं बनी। शिंदे ने यह भी खुलासा किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए ठाकरे के नाम की सिफारिश करने के लिए दो लोगों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के पास भेजा गया था।
