Devendra Fadnavis Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में आज कुल 39 मंत्रियों को शामिल किया गया। मुख्यमंत्री की नई कैबिनेट में तकरीबन 15 ऐसे चेहरे है जिनको पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला है। शपथ लेने वाले कुल 39 मंत्रियों में से 33 केबिनेट और 6 ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली।
देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट विस्तार।
इस कैबिनेट विस्तार में छोटे दलों को जगह नहीं मिली। सिर्फ भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के विधायकों को मंत्री बनाया गया। भाजपा के 19, शिंदे के 11 और एनसीपी के 9 विधायकों को मंत्री बनाया गया।
मंत्रियों की सूची-
1-चंद्रशेखर बावनकुले (BJP)
(वर्तमान भाजपा अध्यक्ष महाराष्ट्र-ओबीसी समाज से,नागपुर से विधायक, ऊर्जा और एक्साइज विभाग संभाल चुके हैं।)
2-राधाकृष्ण विखे पाटिल (BJP)
(पश्चिम महाराष्ट्र के बड़े मराठा नेता, 1995 से विधायक, 6 मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके है, कृषि, राजस्व का जिम्मा संभाल चुके हैं।)
3-हसन मुशरिफ (NCP)
(अजित पवार के बड़े मुस्लिम चहेरे, पहले शरद पवार के करीबी थे लेकिन अब अजित पवार के करीबी। पश्चिमी महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और मेडिकल एजुकेशन मंत्रिपद संभाल चुके हैं। ईडी के केसे को लेकर कई बार चर्चा में रहे।)
4-चंद्रकांत पाटिल (BJP)
(बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है। पुणे के कोथरुड से विधायक। राजस्व, कपड़ा , उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्रालय संभाल चुके हैं। मराठा समाज से आते हैं, इनके पिता की चाय की दुकान थी। मिल मजदूरों को इनके पिता चाय पिलाते थे। पार्टी के लिए काफी काम किया।)
5-गिरीश महाजन (BJP)
(फडणवीस के बेहद करीबी, 7वीं बार चुनाव जीते। गुर्जर समाज से आते हैं। सरकार के लिए हमेशा संकटमोचन का काम करते हैं। जामनेर उत्तर महाराष्ट्र विधानसभा से आते है। जल संसाधन, रूरल डेवलेपमेंट, मेडिकल एजुकेशन का पद संभाला चुके हैं।)
6-गुलाबराव पाटिल (शिवसेना)
(मराठा समाज से आते हैं। जलगांव से विधायक और एकनाथ शिंदे के करीबी। 6वीं बार मंत्री बने, सहकारिता, जल, ग्रामीण मंत्री रह चुके हैं।)
7-गणेश नाईक (BJP)
(मराठा समाज से आते हैं। पहले शिवसेना उसके बाद एनसीपी और फिर भाजपा से जुड़े। आगरी समाज के नेता हैं, नवी मुंबई, ठाणे के कद्दावर नेता। कई बार मंत्री रहे। श्रम, एक्साइज विभाग संभाल चुके हैं। आने वाले मनपा चुनाव को लेकर इन्हें मंत्री बनाया गया।)
8-दादा भूसे (शिवसेना)
(एकनाथ शिंदे के खास और आनंद दिघे के भी करीबी रहे। मालेगांव नाशिक,उत्तर महाराष्ट्र से आते हैं। मराठा नेता हैं और जमीनी नेता के तौर पर जाने जाते हैं। कृषि, जल विभाग में काम किया है। आने वाले मनपा चुनाव के हिसाब से दोबारा मंत्री बनाया गया।)
9- संजय राठौड़ (शिवसेना)
(आखिरी समय में कन्फर्म हुआ नाम। विदर्भ के नेता और बंजारा समाज के नेता। कांग्रेस के दिग्गज नेता माणिकराव ठाकरे को हराया। ओबीसी समाज के काफी विवादित नेता हैं। वन विभाग, जलसिंचन विभाग सम्भाल चुके हैं।)
10-धनंजय मुंडे (एनसीपी)
(बीड के नेता, बंजारा समाज से आते हैं। जमीनी नेता और कृषि मंत्री, जल मंत्री रह चुके हैं, अजित पवार के करीबी।)
11-मंगलप्रभात लोढ़ा (बीजेपी)
(मुंबई के बड़े बिल्डर, मनपा चुनाव के चलते दोबारा मंत्री बने। कट्टर हिंदुत्ववादी, मारवाड़ी समाज से, पर्यटन कौशल, गार्जियन मंत्री रहे। फडणवीस के करीबी, लाडला भाई योजना लागू करवाई थी। चुनाव में बहुत मेहनत की, पिता वकील और नेता, जोधपुर से ताल्लुक।)
12-उदय सामंत (शिवसेना)
(शिंदे के करीबी, म्हाडा के अध्यक्ष रहे। एनसीपी में भी थे, मराठा कुनबी नेता। कोंकण में वर्चस्व। उद्योग मंत्री रहे, पांचवी बार चुने गए।)
13-जयकुमार रावल (बीजेपी)
(राजपूत समाज से उत्तर महाराष्ट्र से विधायक, राजघराने से ताल्लुक। खाद्य और पर्यटन मंत्री रहे,विद्देश में पढ़े लिखे।)
14-पंकजा मुंडे(बीजेपी)
(बंजारा समाज से गोपीनाथ मुंडे की बेटी, बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव हैं। फडणवीस से खटास रही, एमपी की प्रभारी रहीं। बंजारा समाज पर अच्छी पकड़। एमएलसी हैं, 2009 से 2018 तक विधायक।)
15-अतुल सावे (बीजेपी)
(मराठवाड़ा के औरंगाबाद ईस्ट से विधायक। माली ओबीसी समाज से आते हैं। फडणवीस के करीबी, हाउसिंग मंत्री रहे। बीजेपी के ओबीसी कैडर पर पकड़। एमआईएम के इम्तियाज जलील को हराया।)
16)-अशोक उइके (बीजेपी)
(विदर्भ के यवतमाल से आते हैं।आदिवासी समाज के नेता और फडणवीस के करीबी। आदिवासी मंत्री बनाये जा सकते हैं।)
17-शंभुराजे देसाई (शिवसेना)
(पश्चिम महाराष्ट्र के सातारा से विधायक। राजघराने से ताल्लुक, मराठा समाज के नेता और शिंदे के करीबी। 2022 में एक्साइज मंत्री थे, उद्धव ठाकरे सरकार में गृहराज्यमंत्री थे। कट्टर शिवसैनिक के रूप में पहचान।)
18-आशीष शेलार (बीजेपी)
(मुंबई से बीजेपी अध्यक्ष। मनपा चुनाव के मद्देनजर दोबारा मंत्री। बीएमसी की कई कमिटियों में काम किया। फिल्मी सितारों, क्रिकेटरों, उद्यमियों से अच्छी पकड़, क्रिकेट के शौकीन।)
19-दत्तात्रय भरने (एनसीपी)
(पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे के इंदापुर से विधायक। हर्षवर्धन पाटिल को हराया, धनगर समाज से।)
20-अदिति तटकरे (एनसीपी)
(एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे की बेटी। दूसरी बार मंत्री बनीं। रायगढ़ में वर्चस्व, लाडली बहन योजना को महाराष्ट्र भर तक पहुंचाया। महिला बालविकास मंत्री रहीं, ओबीसी समाज से आती हैं, मनपा चुनाव के मद्देनजर भी मंत्री बनाया।)
21-शिवेंद्र राजे भोंसले (बीजेपी)
(सतारा राजपरिवार शिवाजी महाराज के 13वे वंशज। पहली बार मंत्री बने मराठा नेता। 2019 में एनसीपी से भाजपा में आये, 2004 से विधायक और उदयनराजे भोंसले के चचेरे भाई।)
22-माणिकराव कोकाटे (एनसीपी)
(नासिक से कोंग्रेस, शिवसेना में रहे, किसान नेता,सिन्नर से चौथी बार विधायक मराठा नेता।)
23-जयकुमार गोरे (बीजेपी)
(पहली बार मंत्री, बड़े एक्सीडेंट से गुजरे, हिम्मत नहीं हारी। चौथी बार विधायक औरओबीसी नेता।)
24-नरहरि झिरवाल (एनसीपी)
(आदिवासी नेता, नासिक से विधायक। डिप्टी स्पीकर रहे, आदिवासी बेल्ट में अच्छी पकड़। धनगर समाज को आरक्षण देने का विरोध किया था।)
25-संजय सावकारे (बीजेपी)
(जलगांव उत्तर महाराष्ट्र से आते हैं। पूर्व विधायक संतोष चौधरी के पीए थे। एकनाथ खडसे के करीबी रहे, भुसावल से विधायक।)
26-संजय शिरसाट (शिवसेना)
(एकनाथ शिंदे के करीबी। आखिरी समय में नाम तय। मुखर वक्ता, औरंगाबाद से एससी नेता। 5 बार विधायक और कट्टर शिवसैनिक।)
27-प्रताप सरनाईक (शिवसेना)
(ठाणे से विधायक। पहले एनसीपी में फिर शिवसेना का दामन थामा। मराठा समुदाय से 2009 से लगातार विधायक मनपा चुनाव के मद्देनजर मंत्री बनाया गया, बिल्डर हैं।)
28-भरत सेठ गोगावले (शिवसेना)
(रायगढ़ के कट्टर शिवसैनिक नेता। शिंदे के करीबी, बेबाक बयानों के लिए चर्चा में। ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष रहे। मराठा कुनबी समाज से आते हैं, 4 बार से विधायक)
29-मकरंद पाटिल (एनसीपी)
(3 बार सिन्नर से विधायक। बाद में सातरा शहर के वाई विधानसभा सीट से विधायक। मराठा नेता और 4 बार विधायक। पहली बार मंत्री बने। किसान नेता, निर्दलीय भी 1999 में चुनाव जीता था।)
30-नितेश राणे (बीजेपी)
(नारायण राणे के बेटे। कट्टर हिंदुत्ववादी नेता। कोंकण, मुम्बई में पकड़। मनपा चुनाव के तहत दिया गया मंत्रिपद। आक्रामक बयान के लिए जाने जाते हैं। 2014 से लगातार विधायक। इस बार इनके भाई नीलेश राणे भी विधयक बने हैं।)
31-आकाश फुंडकर (बीजेपी)
(3 बार विधायक। खामगांव से विधायक, दिग्गज भाजपा नेता पांडुरंग फुंडकर के बेटे। पहली बार मंत्री बने और फडणवीस के करीबी।)
32-बाबासाहेब पाटिल (एनसीपी)
(3 बार विधायक, अहमदनगर में किसान नेता,अजित पवार के करीबी।)
33-प्रकाश आबिटकर (शिवसेना)
(2014 से लगातार विधायक। शिंदे के करीबी, राधनागरी कोल्हापुर से विधायक।)
34-माधुरी मिसल (बीजेपी)
(पिम्परि चिंचवड़, पार्वती की विधायक, पुणे महानगरपालिका में पार्षद रहीं। भाजपा की शहर अध्यक्ष रहीं।)
35-आशीष जैसवाल (शिवसेना)
(पांचवी बार विधायक। ओबीसी नेता, शिवसेना से बगावत कर 2019 में निर्दलीय विधायक भी बने थे।)
36-पंकज भोयर (भाजपा)
(कांग्रेस से भाजपा में आये। वर्धा विदर्भ से 3 बार के विधायक। जमीनी नेता और फडणवीस के करीबी।)
37-मेघना बोर्डिकर (भाजपा)
(किसान नेता पिता रामप्रसाद भी राजनीति में रहे। विदर्भ की भाजपा का महिला चेहरा और ओबीसी नेता। दूसरी बार विधाय।)
38-इंद्रनील नाईक (एनसीपी)
(दूसरी बार विधायक, पूर्व सीएम वसंतरव नाईक के पोते और ओबीसी नेता, पिता मनोहर नाईक भी मंत्री रहे।)
39-योगेश कदम (शिवसेना)
(रायगढ़ दापोली से दूसरी बार विधायक। पूर्व मंत्री रामदास कदम के बेटे, कट्टर शिवसैनिक। पिता रामदास कदम बालासाहेब ठाकरे के बेहद करीबी रहे।)
