Sambit Patra: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के संसद मार्च और विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और समूचे विपक्षी गठबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि आज कांग्रेस और अधिकतर विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च कर रहे हैं, इसे लेकर पुलिस पूरी तरह चौकस है।
संबित पात्रा का कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना
"ज्ञानेश नहीं, गणेश जी की कृपा"- बोले संबित पात्रा
विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों का जवाब देते हुए संबित पात्रा ने चुटकी ली। पात्रा ने कहा, विपक्ष आरोप लगा रहा है कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हमारी मदद कर रहे हैं। मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारी मदद ज्ञानेश जी नहीं, बल्कि भगवान गणेश जी कर रहे हैं। जनता का आशीर्वाद और भगवान गणेश की कृपा हमारे साथ है, जबकि विपक्ष अपनी हार के लिए बार-बार संवैधानिक संस्थाओं को बलि का बकरा बनाता है।
राहुल गांधी पर झूठ बोलने का लगाया आरोप
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग और मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा बोले गए "4 बड़े झूठ" का दावा किया। कांग्रेस पर फॉर्म-6 (Form-6) को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा कि नए मतदाताओं के पंजीकरण और नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल है, लेकिन विपक्ष इसे 'वोट चोरी' का नाम देकर जनता को गुमराह कर रहा है।
कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस या विपक्ष चुनाव हारता है, तो वे ईवीएम (EVM), चुनाव आयोग या अदालतों पर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के सामने कई सवाल दागे।
- हार का ठीकरा EC पर क्यों?
- चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को निशाना क्यों बनाया जाता है?
- तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक में जीत दर्ज करने पर चुनाव आयोग सही कैसे हो जाता है?
- क्या देश की सर्वोच्च संस्थाओं को नीचा दिखाना ही कांग्रेस की राजनीति का एकमात्र मकसद रह गया है?
- जब सरकार और आयोग हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, तो विपक्ष संसद में हंगामा और री-लांचिंग का ड्रामा क्यों कर रहा है?
- पात्रा ने कांग्रेस की पुरानी कार्यप्रणाली और चुनावी विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए।
SIR पर क्या विवाद है?
चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान में फर्जी या मृतक मतदाताओं के नाम हटाने और नए बालिगों को जोड़ने का काम किया गया है। राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि SIR के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं (विशेषकर गरीब और अल्पसंख्यक आबादी) के नाम काटे जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने संसद भवन परिसर में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए मार्च निकाला है।
