देश

लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल से मिली छुट्टी, सेहत में सुधार, सीने में संक्रमण के बाद थे भर्ती

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीने में संक्रमण के इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ है।

Image

आडवाणी की सेहत में सुधार (फाइल फोटो)

Photo : PTI

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सोमवार, 19 अक्टूबर को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीने में संक्रमण और सांस से जुड़ी जटिलताओं के चलते उन्हें 16 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों द्वारा स्थिति बेहतर बताने और सेहत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

अस्पताल ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति

अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "श्री एल. के. आडवाणी, जिन्हें सीने में संक्रमण के चलते 16 अक्टूबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें आज डिस्चार्ज किया जा रहा है। वह न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ कंसलटेंट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में थे और उनके स्वास्थ्य स्थिति में काफी सुधार देखा गया है।"

चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई थी और उन्हें गहन निगरानी (ICU) में रखा गया था। इलाज के सही असर के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर लौटने की अनुमति दी।

भारतीय राजनीति के जाने माने नाम

लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कई मौकों पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को नेतृत्व प्रदान किया। साल 2002 से 2004 के दौरान वह देश के उपप्रधानमंत्री रहे। 1980 और 1990 के दशक में बीजेपी को एक प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक शक्ति के रूप में उभारने में उनकी भूमिका को मील का पत्थर माना जाता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article