Lehra Do Tiranga March: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च निकाला गया। दिल्ली के कनॉट प्लेस और मंडी हाउस समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लहराकर और 'जय हिंद' के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा सहित 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
'लहरा दो तिरंगा' मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
शांति भंग करने का मामला होगा दर्ज
दिपके और नेहा बोरा को शनिवार की सुबह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित एसईएम (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई।
सूत्रों के अनुसार, दोनों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस उन्हें हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश करेगी।
CP और मंडी हाउस में CJP और छात्र संगठनों का प्रदर्शन
पुलिस की भारी तैनाती के बीच शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में राष्ट्रीय ध्वज लिए सीजेपी के सैकड़ों समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में पैदल मार्च किया और अलग-अलग जगहों पर रुक-रुक कर 'जय हिंद' के नारे लगाए। कुछ लोगों ने राष्ट्रगान भी गाया। वे इस दौरान तितर-बितर होने के साथ ही फिर से इकट्ठा होते रहे।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छात्रों और सदस्यों ने मंडी हाउस पर प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली कहासुनी हो गई।
ममता बनर्जी- केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी के दिपके को हिरासत में लिए जाने को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इस कार्रवाई को सरासर तानाशाही का संकेत बताया। केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''ये तो सरासर तानाशाही है। क्या तिरंगा लहराना जुर्म है? अभिजीत की गिरफ्तारी दिखाती है कि (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी इनसे कितने डरते हैं।'' उन्होंने कहा, ''जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वे पाकिस्तान चले जाएं।''
वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिपके को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि यह अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? भारतीय राष्ट्रीय ध्वज थामने के कारण अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है। ज़रा इस बात पर गौर करें। आज़ाद भारत में, हमारे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है।"
'मैंने कौन सा कानून तोड़ा'
दिपके को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए घर से निकलते समय हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत में दिपके से कहा गया, "आप नयी दिल्ली नहीं जा सकते। हम आपको हिरासत में ले रहे हैं।" उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, "नई दिल्ली नहीं जा सकता, कहीं और तो जा सकता हूं। मैंने कौन सा कानून तोड़ा है?"
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मुंबई में CJP का 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन
सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई "बर्बरता" के लिए जवाबदेही की मांग की।
आजाद मैदान में मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। सीजेपी के कई समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने सीजेपी को आजाद मैदान में 'लहरा दो तिरंगा' रैली आयोजित करने की अनुमति दी थी।
(मोहित ओम के इनपुट के साथ)
