China Study Seminar: पूर्वी कमान मुख्यालय ने शनिवार को विजय दुर्ग, कोलकाता में ‘चाइना स्टडी सेमिनार 2025’ का आयोजन किया। इस सेमिनार का उद्देश्य समकालीन और उभरते सुरक्षा खतरों की गहराई से समीक्षा कर भारत की रक्षा तैयारी को और सशक्त बनाना था। यह आयोजन पूर्वी कमान की उस निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत भारत की सीमाओं की सुरक्षा और रणनीतिक तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।
भारत की रक्षा तैयारी पर गहन चर्चा
सेमिनार में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रक्षा विशेषज्ञों, विद्वानों और विभिन्न थिंक टैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश के बढ़ते गठजोड़ से उत्पन्न चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया।
उभरते भू-राजनीतिक परिदृश्यों पर प्रकाश डाला गया
कार्यक्रम में अनुभवी विशेषज्ञों जैसे राजदूत गौतम बंबावाले, श्रीमती रीवा गांगुली दास, श्री दिलीप सिन्हा और एम. जयदेवा रणाडे ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने वर्तमान और उभरते भू-राजनीतिक परिदृश्यों पर प्रकाश डालते हुए भारत के लिए सजग रहने और रक्षा क्षमताओं को निरंतर सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सेमिनार में प्रतिभागियों ने आपसी चर्चा के माध्यम से श्रेष्ठ रणनीतियों का आदान-प्रदान किया और बदलती सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी उपायों पर विचार किया।
भारत की रणनीतिक तत्परता को और धारदार बनाने की आवश्यकता
कार्यक्रम के समापन अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी (PVSM, UYSM, AVSM, SM), जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी कमान ने अपने संबोधन में भारत की रणनीतिक तत्परता को और धारदार बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वी कमान हर परिस्थिति में परिचालनिक रूप से तैयार है और बदलते सुरक्षा परिदृश्यों का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
