अपनी पत्नी के इलाज के लिए भारत आए बांग्लादेशी पत्रकार देबाशीष दत्ता और उनके परिवार की यात्रा दुखद अंत के साथ खत्म हुई। वे मध्य कोलकाता के एक होटल में लगी आग में मारे गए नौ लोगों में शामिल थे। मंगलवार देर रात मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर स्थित 'शिखा इन' होटल में आग लगने से 37 साल के दत्ता उनकी पत्नी 25 साल की अफसाना शिरमिन उनके 4 साल के बेटे स्वर्णशीष और अफसाना के पिता, 64 वर्षीय अकरम अली की मौत हो गई।
कोलकाता होटल में भीषण आग
यह परिवार 3 अगस्त को भारत आया था। पुलिस ने बताया कि दत्ता, उनकी पत्नी और बेटा अफसाना के इलाज के लिए बेंगलुरु गए थे, जबकि अकरम अली कोलकाता में ही रुके हुए थे। बेंगलुरु से लौटने के बाद तीनों ने 15G मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल में चेक-इन किया था।
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कुश्तिया ज़िले के अरुआपारा के रहने वाले दत्ता ने बांग्लादेश में कई अख़बारों के साथ काम किया था, जिनमें 'आजकेर पत्रिका' और 'आजकेर आलो' शामिल हैं। इस जोड़े के दो बच्चे थे। उनकी आठ साल की बेटी बांग्लादेश में ही थी और उनके साथ यात्रा नहीं कर रही थी।
उन्होंने लिखा था, 'बेंगलुरु बाय-बाय...'
यात्रा के दौरान दत्ता के सोशल मीडिया पोस्ट अब परिवार के साथ बिताए आखिरी दिनों की एक मार्मिक झलक दिखाते हैं। सोमवार शाम को अपनी आखिरी फ़ेसबुक पोस्ट में, शहर में 13 दिन बिताने के बाद उन्होंने लिखा था, 'बेंगलुरु बाय-बाय'। इसमें एक फ़्लाइट का छोटा वीडियो क्लिप और अपनी पत्नी व बेटे के साथ उनकी एक तस्वीर भी शामिल थी।
होटल में लगी आग में पांच बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई
कोलकाता में बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन ने बताया कि होटल में लगी आग में पांच बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई, जबकि कुछ अन्य घायल हो गए और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। एक प्रेस बयान के अनुसार, मिशन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के बारे में जानकारी जुटाने तथा घायलों के लिए जरूरी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।
