Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। ममता तृणमूल कांग्रेस ने इस हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और कोलकाता पुलिस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने मुख्यमंत्री के भतीजे देबदीप अधिकारी के नाम का भी जिक्र किया है, जो चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के कथित तौर पर मुख्य कर्ता-धर्ता हैं। विपक्षी दल ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार शाम चोरबागान के प्रसिद्ध पंडाल में हुई इस त्रासदी के लिए भीड़ को नियंत्रित करने की लचर व्यवस्था, पुलिस बल की कमी और आपातकालीन व्यवस्थाओं का न होना जिम्मेदार है।
दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में सियासत तेज
ममता तृणमूल ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि जब हालात बेकाबू हुए, उस समय मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी, नागरिक स्वयंसेवी या एम्बुलेंस मौजूद नहीं थीं। पार्टी ने स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का हवाला देते हुए सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाए। अपने सोशल मीडिया हैंडल से किये गए पोस्ट में पार्टी ने कोलकाता पुलिस पर निशाना साधते हुए पूछा, "जब लोगों को आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाएं कहां थीं?"
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी पूजा आयोजन समिति में मुख्यमंत्री के भतीजे की कथित संलिप्तता पर सवाल खड़े किए और सरकार से जवाबदेही की मांग की। समिति के पदाधिकारियों की सूची का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा, "शुभेंदु बाबू, आप दोषी भतीजे को जेल कब भेजेंगे?" अपने दावे के समर्थन में पार्टी ने चोरबागान पूजा समिति की प्रचार सामग्री साझा की, जिसमें देबदीप अधिकारी को मुख्य कर्ता-धर्ता, स्थानीय जोरासांको निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक विजय ओझा को समिति का अध्यक्ष और भाजपा के उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमघना घोष को मुख्य सलाहकार बताया गया है।
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'पुरानी पूजा समिति को इस्तीफा देने के लिए किया गया मजबूर'
ममता तृणमूल के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुरानी पूजा समिति को इस्तीफा देने के लिए "मजबूर" किया गया था और एक नयी समिति ने इस पर "कब्जा" कर लिया। उन्होंने फेसबुक पर 17 जुलाई का एक पत्र साझा किया, जिसे पूर्व पूजा समिति सचिव जयंत बनर्जी द्वारा लिखा गया बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था। वहीं, इस मामले पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री का भतीजा नाबालिग है और पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी में रहता है। वह कोलकाता की पूजा में कैसे शामिल हो सकता है?"
