Kolkata Durga Puja Pandal: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को भीषण बारिश और भारी भीड़भाड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस हादसे में कम से कम 17 लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पंडाल को बंद कर दिया गया।
कोलकाता के दुर्गा पंडाल में मची भगदड़
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री सरदावत मुखर्जी और वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। वहीं, आपदा प्रबंधन कर्मियों को भी घटनास्थल पर भेजा गया।
हेल्पलाइन नंबर जारी
इस घटना के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 शुरू किया है। इस नंबर पर कॉल करके घटना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजे का ऐलान किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
लालबाजार कंट्रोल रूम
- 18003455678
- 03322141310
हादसे के बाद कई पंडाल बंद
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हादसे के बाद कोलकाता के कई दुर्गा पंडाल को बंद कर दिया गया है। जिनमें ताला प्रत्तोय और चेतला अग्रानी पंडाल शामिल है। इसके अलावा, अलीपुर में लाइट एंड साउंड शो बंद कर दिया गया।
हादसे की जांच के लिए समिति का होगा गठन
बताया जा रहा है कि घटना की जांच पुलिस और फायर ब्रिगेड करेगी। राज्य सरकार एक जांच समिति भी गठित करेगी। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस ने आयोजकों और निजी सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में ले लिया है।
घायलों से मिलेंगे अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी से बात की। इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूंगा। मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे मची भगदड़? सामने आ रहीं ये वजहें; जानें अबतक क्या-क्या हुआ
चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में चश्मदीद ने आंखों देखा हाल बताया। चश्मदीद ने बताया कि कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर ले जाया जा रहा था। मैंने अपने आसपास चारों तरफ ऐसा होते देखा। जब लोग बेहोश हुए, तो उन्हें बाइक पर ले जाया गया। यह सब भारी भीड़ के बीच हुआ।
ममता बनर्जी ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चोरबागान पूजा पंडाल की घटना दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख और सदमा पहुंचा है। मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायलों को जल्द से जल्द स्वस्थ करें और इस कठिन समय में उनके परिवारों को शक्ति और साहस प्रदान करें।''
कैसे बनी भगदड़ जैसी स्थिति?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ लगभग शाम 7:40 बजे मची। इस हादसे में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ने लगी। इस दौरान कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
'दुर्गा पंडाल की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'
तृणमूल नेता कुणाल घोष ने दुर्गा पूजा पंडाल की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पंडाल में मौजूद कुछ श्रद्धालुओं को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
कुणाल घोष ने कहा, ''यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह कैसे और क्यों हुआ? इस पर बाद में बात की जा सकती है, लेकिन फिलहाल हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। हम पुलिस प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए।'' उन्होंने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ता पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं। पंडाल के भीतर अभी भी राहत और बचाव कार्य किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
