भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में कथित भ्रामक दावों तथा नियमों के उल्लंघन को लेकर नेस्ले इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) को नोटिस जारी किए हैं। नियामक ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। कुछ मामलों में उत्पाद बनाने वाली अन्य कंपनियों से भी जवाब मांगा गया है।
नेस्ले के रेनल पाउडर पर भ्रामक दावों को लेकर नोटिस
FSSAI ने नेस्ले इंडिया लिमिटेड के ‘Nestlé Resource Renal Vanilla Flavour Powder’ को लेकर नोटिस जारी किया है। यह उत्पाद क्रोनिक किडनी बीमारी के मरीजों के खानपान संबंधी प्रबंधन के लिए है। FSSAI के मुताबिक, उत्पाद के लिए जरूरी पूर्व मंजूरी नहीं ली गई थी और पैकेट पर शाकाहारी या मांसाहारी होने का निर्धारित निशान भी नहीं था। कंपनी से इस पर जवाब मांगा गया है।
हॉर्लिक्स मदर्स प्लस के दावों पर सवाल
FSSAI ने हिंदुस्तान यूनिलीवर के ‘Horlicks Mother’s Plus Kesar’ को लेकर नोटिस जारी किया है। उत्पाद के पैकेट और विज्ञापन में ‘स्वस्थ वजन वाले बच्चे के जन्म’ से जुड़े दावों को भ्रामक माना गया है। प्राधिकरण के मुताबिक, ये दावे ऐसे संकेत देते हैं कि उत्पाद से बच्चे का जन्म के समय वजन स्वस्थ रखने में फायदा होता है। कंपनी से जवाब मांगा गया है।
हॉर्लिक्स वुमेन्स प्लस के दावों पर नोटिस
FSSAI ने ‘Horlicks Women’s Plus Chocolate Nutrition Drink’ के दावों पर सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, हड्डियों की मजबूती बढ़ाने, छह महीने में सुधार होने और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने जैसे दावे नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। उत्पाद में माल्टोडेक्सट्रिन होने के बावजूद ‘नो एडेड शुगर’ के दावे और पोषण संबंधी जानकारी में भी खामियां बताई गई हैं। कंपनी से जवाब मांगा गया है।
बाला जी फूड प्रोडक्ट्स का लाइसेंस रद्द
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन के चलते ‘बाला जी फूड प्रोडक्ट्स’ का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। पहले भी नियमों के उल्लंघन के कारण लाइसेंस निलंबित किया गया था, लेकिन कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। अब कंपनी को खाद्य उत्पादों का निर्माण, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और वितरण तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है।
