यूनियन कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मोदी सरकार ने केरल का नाम बदलकर केरलम (Kerala name change into Keralam) करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, 'जब से भाषा के आधार पर राज्य का निर्माण हुआ, तब से इसकी मांग थी कि केरल का नाम केरलम होना चाहिए. इस मांग को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
मोदी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए।
रेल लाइन्स का होगा विस्तार
वहीं, रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन को डबल किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 5,236 करोड़ रुपये के बजट का एलान किया है। इसके अलावा, पुनारख- किऊल रेलखंड पर बनेगी तीसरी-चौथी लाइन बनेगी। सराकर ने इसके लिए 2,668 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। झारखंड के गम्हरिया- चांडिल में तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए 1,168 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है।
वहीं, दूसरी ओर श्रीनगर में न्यू इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट बनने का एलान हुआ है। इसके लिए सरकार ने 1,667 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार भी किया जाएगा। मेट्रो के फेज-2बी को तैयार किया जाएगा। वहीं, सरकार ने पावर सेक्टर में रिफॉर्म लाने का एलान भी किया है।
केंद्र सरकार ने कई रेल लाइन्स के विस्तार का एलान किया है।
5,407 गांवों में संपर्क में होगा सुधार
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के 8 जिलों में व्याप्त इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 5,407 गांवों में संपर्क में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है।
बढ़ी हुई रेल लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार आएगा और भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ेगी। रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव से परिचालन सुव्यवस्थित बनाने और यात्री तथा माल भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के भविष्य दृष्टि अनुरूप इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास द्वारा रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर वहां के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
जूट किसानों के लिए MSP का एलान
किसानों के लिए सरकार ने बड़ा एलान कर दिया है। सरकार ने कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का एलान किया गया है। सरकार ने कच्चे जूट के लिए 430 करोड़ रुपये का एमएसपी देने का एलान किया है। बता दें कि भारत में जूट उद्योग सबसे महत्वपूर्ण फाइबर फसलों में से एक है, जो अपने विविध अनुप्रयोगों और आर्थिक महत्व के लिए जाना जाता है। बोरियों, रस्सियों, कालीनों और तिरपालों जैसे उत्पादों के निर्माण में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह अपनी कम लागत, कोमलता और मजबूती के लिए जाना जाता है।
केरल विधानसभा में होगी राज्य के नाम बदलने पर चर्चा
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को केरल राज्य विधानसभा को विचार-विमर्श के लिए भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा के विचार प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और संसद में 'केरल' राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के लिए केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश करने हेतु राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त की जाएगी। बता दें कि केरल विधानसभा ने 24.06.2024 को राज्य का नाम बदलकर "केरलम" करने का प्रस्ताव पारित किया,
