प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को बनिहाल-खड़ी-सुंबड़ -संगलदान सैक्शन (48 किलोमीटर) के बीच नई रेल लाइन और बारामूला-श्रीनगर-बनिहाल-संगलदान सैक्शन के विद्युतीकरण का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री कश्मीर घाटी में कश्मीर की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन और संगलदान-बारामूला के बीच ट्रेन सेवा को (श्रीनगर स्टेशन से) हरी झंडी दिखाएंगे।
कश्मीर की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन कल से होगी शुरू
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पीएम मोदी की जम्मू कार्यक्रम
जम्मू-कश्मीर में नागरिक और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर और उन्नत कर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के अंतर्गत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनिहाल-खड़ी-सुम्बड़-संगलदान (15,863 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 48 किलोमीटर लम्बी रेललाइन) नई रेल लाइन तथा नये विद्युतीकृत बारामूला-श्रीनगर-बनिहाल-संगलदान सैक्शन (470.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 185.66 किलोमीटर लम्बी रेललाइन) राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
रेल परियोजनाएं, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी
बनिहाल-खड़ी-सुम्बड़-संगलदान सैक्शन पर परिचालन होना कई प्रकार से महत्वपूर्ण है। इस पूरे मार्ग पर बैलास्ट लेस ट्रैक (बीएलटी) का उपयोग किया गया है, जो यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करता है। इसके अलावा, खड़ी- सुम्बड़ के बीच भारत की सबसे लंबी परिवहन सुरंग टी-50 (12.77 किमी) भी इसी सेक्शन में स्थित है। राष्ट्र को समर्पित रेल परियोजनाएं, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी, पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।
161 किलोमीटर का सेक्शन चालू
पीर पंजाल पर्वतमाला में यूएसबीआरएल परियोजना चुनौतीपूर्ण क्षेत्र से होकर गुजरती है। परियोजना का उद्देश्य देश के बाकी हिस्सों के साथ हर मौसम के अनुकूल आरामदायक, सुगम और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परिवहन नेटवर्क उपलब्ध करना है। कुल 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल परियोजना (41,119 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ) में से, अब तक 161 किलोमीटर पर रेल परिचालन पहले से ही चालू है।
अभी चलती हैं डीजल वाली ट्रेनें
बता दे कि बनिहाल-संगलदान के बीच 48 किलोमीटर का रेल मार्ग 20 फरवरी को चालू हो जाएगा। अभी, बारामूला-बनिहाल सैक्शन (138 किमी) पर डीजल से चलने वाली ट्रेनें चलती हैं और नई लाइन चालू होने के साथ, यात्री अब बारामूला से संगलदान तक ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे। 20 स्टेशनों वाले इस सैक्शन से रेलवे, घाटी में स्वच्छ ईंधन से चलने वाली रेलगाड़ियों का नया इतिहास लिखेगी
